लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर। युवा एकल की श्रृंखला में 28 सितंबर 2025 को विद्याश्रम स्कूल, जे.एल.एन. मार्ग पर आयोजित छठी प्रस्तुति में दिल्ली की सुप्रसिद्ध युवा कथक नृत्यांगना आरती श्रीवास्तव गेडाम (गुरु प्ररेणा श्रीमाली की शिष्या) ने अपनी 100 मिनट की उत्कृष्ट प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रस्तुति की शुरुआत उन्होंने राग भटियार में संकलित “महेशं सुरेशं” शिव स्तुति से की। इसके बाद तीनताल की उपज, तत्कार, ठाठ, गत, आमद, गणेश परन, चक्रदार तोड़ा और चक्रदार परन का सधा हुआ प्रदर्शन किया। उनकी नृत्य की स्वच्छ रेखाएँ और लय की दृढ़ता दर्शनीय रही।
इसके उपरांत सूरदास रचित “पूतना वध” को कथा-वाचन और भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत कर उन्होंने भक्तिभाव का सुंदर वातावरण रचा। तत्पश्चात् अष्ट मंगल (विलंबित और मध्य लय) तथा संयोग श्रृंगार पर आधारित अभिनय ने दर्शकों के हृदय को गहराई से छू लिया। कार्यक्रम का समापन गत निकास, परमेलु, ततकार और गुरु श्लोका के साथ हुआ।
इस प्रस्तुति को संगत कलाकारों ने और भी प्रभावशाली बनाया। संगत में जयवर्धन दधिच (वोकल व हारमोनियम), परमिन्दर सिंह (तबला), निहारिका कुशवाह (पढ़ंत) और मोहम्मद इरफ़ान (सितार) ने उत्कृष्ट योगदान दिया।
दर्शकों ने आरती श्रीवास्तव की नृत्य प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे युवा कथक कला की उत्कृष्ट मिसाल बताया।



















































