उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा पर टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद, कार्रवाई की मांग तेज

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा पर टिप्पणी से , जीएल वर्मा ने कहा- संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं

जयपुर। उपमुख्यमंत्री  प्रेम चंद बैरवा के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी के पूर्व प्रदेश महामंत्री  जीएल वर्मा ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा और राज्यपाल  को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जीएल वर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भाषण देने वाला व्यक्ति उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के बारे में टिप्पणी करते हुए कह रहा है कि “इनकी औकात सरपंच बनने की नहीं थी, इन्हें यहां तक पहुंचाया गया है।” वर्मा ने इसे केवल किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की भावना पर सीधा प्रहार बताया।

उन्होंने कहा कि डॉ. प्रेमचंद बैरवा संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत विधायक और उपमुख्यमंत्री बने हैं, न कि किसी व्यक्ति विशेष की कृपा से। ऐसे में इस प्रकार की बयानबाजी लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था का अपमान है।

वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष  मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने की घटना में तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक तक को हटा दिया था, लेकिन उपमुख्यमंत्री और संविधान के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाए।

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