लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिया हरियाली का संदेश
उदयपुर। राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को उदयपुर के दूधतलाई वन क्षेत्र में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से वृक्षारोपण और वन संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। बढ़ता तापमान, प्रदूषण, जल संकट और घटती जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिली है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान ने लोगों को प्रकृति से जोड़ने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ के तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें करीब दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और इस मानसून सीजन में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधों की सुरक्षा के लिए जियो-टैगिंग, वन मित्र और वृक्ष मित्रों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। साथ ही जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी और पंचायत समिति स्तर पर नमो वन विकसित किए जा रहे हैं।
चंदन वन परियोजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दूधतलाई वन क्षेत्र में 33 करोड़ रुपये की लागत वाली चंदन वन परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने चंदन का पौधा लगाकर परियोजना की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि चंदन वन परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका, जैव विविधता संरक्षण और हरित अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। प्रथम चरण में उदयपुर, सिरोही, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में चंदन वन विकसित किए जाएंगे।
ड्रोन सीडिंग और स्वयं सहायता समूहों को सहायता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ड्रोन सीडिंग प्रक्रिया का शुभारंभ किया। साथ ही राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना के तहत 13 जिलों के 600 स्वयं सहायता समूहों को 6 करोड़ रुपये की आजीविका प्रोत्साहन राशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया।
उन्होंने चंदन पेड़, वन एवं वन उपज तथा पंच गौरव आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और वॉच टावर से वन क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। उन्होंने खेजड़ली बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि मां अमृता देवी और 363 लोगों का वृक्षों की रक्षा के लिए दिया गया बलिदान विश्व इतिहास में अनूठा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि अब समाज में भी बदलाव दिखाई दे रहा है। लोग जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और स्मृति दिवस जैसे अवसरों पर पौधारोपण को अपनी परंपरा बना रहे हैं। वृक्षारोपण अब केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक संस्कार बनता जा रहा है।
बाजार में पैदल घूमे मुख्यमंत्री, आमजन से की मुलाकात
वन महोत्सव कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर बाजार में पैदल घूमकर आमजन से मुलाकात की। उन्होंने बुजुर्गों का हालचाल पूछा और बच्चों से आत्मीयता से संवाद किया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा, सांसद मन्नालाल रावत, चुन्नीलाल गरासिया, विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन मौजूद रहे।