लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)। शहर में मंगलवार को श्रद्धालुओं ने संकट चतुर्थी एवं तिल चौथ का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया। महिलाएं इस अवसर पर उपवास रखकर चौथ माता की पूजा अर्चना करती रहीं। घर-घर में चौथ माता और गणेश जी को भोग लगाया गया, चौथ चालीसा का पाठ किया गया और कथा सुनी गई।
स्थानीय मंदिरों के साथ-साथ सवाईमाधोपुर जिले के बरवाड़ा माता रानी के दरबार में भी श्रद्धालुओं ने हाजिरी दी। रात को बादलों के कारण चंद्र देव के दर्शन देर से हुए, लेकिन महिलाएं भरी सर्दी में छत पर खड़ी होकर उनका दर्शन करती रहीं। दर्शन के बाद उपवास खोला गया।
पुराणों के अनुसार संकट चतुर्थी या तिल चौथ का व्रत रखने से कष्ट दूर होते हैं और इच्छाओं की पूर्ति होती है। श्रद्धालुओं ने तिल और गुड़ से बने लड्डुओं का भोग लगाया। कई जगह महिलाओं ने व्रत का उद्यापन कर सुहागिनों को भोजन और सुहागचिन्ह भेंट किए, जिससे व्रत का धार्मिक और सामाजिक महत्व बढ़ा।