लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
क्षेत्र के श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र, सुथड़ा में भगवान पुष्पदंत स्वामी (नवम तीर्थंकर) का ज्ञान कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक वातावरण में भक्ति और उल्लास की लहर छा गई।
प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष कजोड़मल सराफ एवं सह-कोषाध्यक्ष मनोज जैन बनेठा ने बताया कि भगवान पुष्पदंत जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर थे, जिन्हें सुविधिनाथ भगवान के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म इक्ष्वाकु वंश के राजा सुग्रीव और रानी रामा देवी के यहाँ काकंदी नगर में हुआ था। उनका चिह्न मगर (घड़ियाल) है। चार महीने की कठोर तपस्या के बाद उन्हें सम्मेद शिखर पर साल वृक्ष के नीचे केवलज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक, नित्य अभिषेक और शांति धारा के साथ हुई। इसके पश्चात देव-शास्त्र-गुरु पूजा, चौबीसों तीर्थंकरों की पूजा तथा विशेष रूप से पुष्पदंत भगवान का ज्ञान कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहरवाले एवं नरेंद्र जैन बनेठा ने बताया कि भक्तामर दीपार्चना सायं 7:30 बजे आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
पूरे दिन क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति संगीत के साथ श्रद्धा का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान पुष्पदंत से समस्त समाज के कल्याण की कामना की।
