लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर में ‘सूर्यदेव’ के तेवर तीखे:
नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, अजमेर/जोधपुर
राजस्थान में रेगिस्तानी हवाओं ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अजमेर सहित आसपास के इलाकों में सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भयंकर लू (हीट वेव) चलने की सटीक चेतावनी जारी की गई है। इसी गंभीर स्थिति को भांपते हुए और बच्चों की सेहत की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अजमेर जिला प्रशासन ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट की ओर से मिले कड़े दिशा-निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। इसी क्रम में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोविंद नारायण शर्मा ने तत्काल प्रभाव से जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के संचालन समय में कटौती करने का आधिकारिक फरमान जारी कर दिया है।
सुबह जल्दी शुरू होगी घंटी, दोपहर 12 बजे तक छुट्टी
प्रशासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, सबसे ज्यादा राहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के छात्र-छात्राओं को दी गई है।
लक्षित कक्षाएं: प्री-प्राइमरी (नर्सरी/केजी) से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यार्थी।
नया समय: अब इन बच्चों के लिए स्कूल की घंटी सुबह 7:30 बजे बजे बजेगी और दोपहर 12:00 बजे होते ही स्कूल की छुट्टी कर दी जाएगी।
कब से लागू: यह नया समय चक्र 27 अप्रैल से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा।
कब तक रहेगा प्रभावी: बच्चों को राहत देने वाली यह व्यवस्था मौजूदा शिक्षण सत्र (अकादमिक सेशन) के खत्म होने तक लगातार जारी रहेगी।

बोर्ड परीक्षार्थियों और बड़े बच्चों को राहत नहीं
प्रशासन ने साफ किया है कि यह समय परिवर्तन केवल छोटे बच्चों को ध्यान में रखकर किया गया है। लिहाजा, निम्नलिखित व्यवस्थाएं पहले की तरह ही चलती रहेंगी:
कक्षा 9वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्र-छात्राओं का स्कूल समय यथावत (बिना किसी बदलाव के) रहेगा।
स्कूल के समस्त शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ को पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा।
वर्तमान में जिन कक्षाओं की स्थानीय या अन्य मुख्य परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, उनके शेड्यूल और टाइमिंग में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है।
आदेश की अनदेखी करने पर नपेगा स्कूल मैनेजमेंट
अजमेर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में बेहद सख्त लहजा अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह नियम जिले की सीमा में आने वाले हर एक सरकारी और गैर-सरकारी (प्राइवेट) मान्यता प्राप्त स्कूल पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।
यदि कोई भी स्कूल संचालक भीषण गर्मी के बीच बच्चों को दोपहर 12 बजे के बाद रोककर इस आदेश की अवहेलना करता पाया गया, तो उस संस्थान के खिलाफ शिक्षा विभाग के नियमों के तहत बेहद सख्त दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।














































