लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
प्रदेश के संकल्प पत्र के सहारे चुनावी मैदान में पार्टी
स्थानीय मुद्दों पर स्पष्ट रोडमैप नहीं आया सामने, स्वरूपगंज के निजी भवन में बार-बार संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर प्रभारी मंत्री से तीखे सवाल
सिरोही। तुषार पुरोहित
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सिरोही में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी का स्थानीय विकास विजन चर्चा के केंद्र में रहा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा ने प्रदेश स्तर पर तैयार किए गए नगरीय विकास संकल्प पत्र को चुनावी रोडमैप के तौर पर पेश किया, लेकिन सिरोही शहर और जिले से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर कोई स्पष्ट और ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आ सकी।
पत्रकारों ने सड़क, सफाई, पेयजल, यातायात, पार्किंग और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर सवाल किए। इन सवालों के जवाब में स्थानीय विजन आगामी दिनों में तैयार किए जाने की बात कही गई। ऐसे में चुनावी मैदान में उतर चुकी भाजपा की स्थानीय तैयारियों और प्राथमिकताओं को लेकर सवाल खड़े हुए।
प्रदेश का संकल्प पत्र, लेकिन सिरोही के लिए विजन कहां?
पत्रकार वार्ता में भाजपा नेताओं ने प्रदेश स्तर पर तैयार नगरीय विकास संकल्प पत्र को प्रमुखता से सामने रखा। संकल्प पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व की तस्वीरें भी शामिल थीं।
हालांकि, पत्रकारों का सवाल स्थानीय स्तर पर भाजपा की प्राथमिकताओं को लेकर था। सवाल यह उठाया गया कि सिरोही शहर की मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए पार्टी की क्या योजना है और अगले कार्यकाल में किन विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्थानीय मुद्दों पर पूछे गए सवालों के दौरान स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आने से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के स्थानीय विजन को लेकर चर्चा तेज हो गई।
स्वरूपगंज के एक निजी भवन में ही क्यों होते हैं भाजपा के कार्यक्रम?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा संगठन की कार्यशैली को लेकर भी प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई से सवाल किया गया।
पत्रकारों ने पूछा कि सिरोही भाजपा की जिला स्तरीय बैठक, सम्मेलन, प्रशिक्षण शिविर और अन्य महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम बार-बार स्वरूपगंज स्थित एक ही निजी भवन में क्यों आयोजित किए जाते हैं।
सवाल यह भी था कि क्या भाजपा संगठन के पास अपना कोई उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
इस पर प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई की ओर से ऐसा स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे सवाल पूरी तरह स्पष्ट हो सके। इसके बाद एक ही निजी भवन में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर ट्रेप अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर सवाल
प्रभारी मंत्री ने सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख किया। इसी दौरान पत्रकारों ने भ्रष्टाचार के मामलों में ट्रेप हो चुके अधिकारियों को निकायों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने को लेकर सवाल उठाया।
जवाब में कहा गया कि अधिकारियों की उपलब्धता सीमित होने के कारण उपलब्ध अधिकारियों में से ही जिम्मेदारियां निर्धारित करनी पड़ती हैं।
मंत्री के इस जवाब के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा देखने को मिली।
शिवगंज में एक वार्ड में प्रत्याशी नहीं उतार पाई भाजपा
शिवगंज नगर पालिका चुनाव में भाजपा द्वारा एक वार्ड में प्रत्याशी नहीं उतार पाने का मुद्दा भी पत्रकार वार्ता में उठा।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि पार्टी ने जिस व्यक्ति को टिकट दिया था, उसने नामांकन के बाद दल बदल लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे मामले की समीक्षा कर रही है।
यह मामला भी चुनाव से पहले सिरोही जिले में भाजपा के संगठनात्मक प्रबंधन को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सत्ता और संगठन के बीच दूरी के भी दिखे संकेत?
पत्रकार वार्ता निर्धारित समय से देरी से शुरू हुई। वहीं सवाल-जवाब का दौर समाप्त होने के बाद प्रभारी मंत्री, राज्यमंत्री और जिलाध्यक्ष अलग-अलग टेबल पर चर्चा करते नजर आए।
चाय-नाश्ते के दौरान भी सत्ता और संगठन के प्रमुख चेहरे अलग-अलग बैठे दिखाई दिए। हालांकि बाद में सभी एक साथ बैठे, लेकिन कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग समूहों में हुई बातचीत ने सत्ता और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चाओं को हवा दी।
स्थानीय विजन और संगठन की कार्यशैली पर सवाल
कुल मिलाकर सिरोही भाजपा की पत्रकार वार्ता में प्रदेश के नगरीय विकास संकल्प पत्र को तो प्रमुखता से रखा गया, लेकिन स्थानीय स्तर पर सिरोही के लिए स्पष्ट विकास विजन और प्राथमिकताओं का विस्तृत खाका सामने नहीं आ सका।
इसके अलावा संगठनात्मक कार्यक्रमों के लिए एक ही निजी भवन के बार-बार इस्तेमाल, ट्रेप अधिकारियों की नियुक्ति और शिवगंज में एक वार्ड में प्रत्याशी नहीं उतार पाने जैसे सवाल भी भाजपा के सामने उठे।
अब चुनावी मुकाबले के बीच निगाह इस बात पर रहेगी कि भाजपा सिरोही के स्थानीय मुद्दों पर अपना स्पष्ट विजन कब सामने रखती है और संगठन से जुड़े इन सवालों पर आगे क्या स्पष्टीकरण देती है।
रिपोर्ट : तुषार पुरोहित, सिरोही
