लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को जोधपुर दौरे के दौरान सुबह करीब 8 बजे से विभिन्न विभागों और अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट भवन के रिपेयर एवं रिकंस्ट्रक्शन कार्य, पर्यावरण, नदी पुनर्जीवन, प्रदूषण नियंत्रण तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।
हाईकोर्ट भवन के काम की होगी सख्त निगरानी
मीडिया से बातचीत में मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट भवन में चल रहे रिपेयर एवं रिकंस्ट्रक्शन कार्य की समीक्षा की गई है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले में निर्देश दिए हैं और 15 सितंबर को मुख्य सचिव, राजस्थान डीजीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति होनी है।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट भवन के कार्य की निगरानी के लिए डेडिकेटेड इंजीनियरिंग विंग बनाई जाएगी। इसमें चार एईएन, एक एक्सईएन और एक एसई स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
मुख्य सचिव के अनुसार करीब 1.5 करोड़ रुपये की डीपीआर के तहत 50 कोर्टरूम वाली नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से प्राप्त हुआ है। इसे आगे की प्रक्रिया में लिया जाएगा।
वर्तमान में तीन कोर्टरूम और करीब 150 पैनल्स पर कार्य चल रहा है। काम में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त इंजीनियर और श्रमिक लगाए जाएंगे। भवन निर्माण में हुई लापरवाहियों की जवाबदेही तय करने को लेकर भी सरकार आवश्यक निर्णय लेगी।
सीईटीपी और नदी पुनर्जीवन पर फोकस
मुख्य सचिव ने जोधपुर के बासनी और सालावास क्षेत्रों का दौरा कर ट्रीटमेंट प्रोसेस और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निरीक्षण किया। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण को लेकर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि रिवर रिजुवेनेशन, ड्रेनेज लाइन ट्रीटमेंट और ग्राउंड वाटर क्वालिटी की निगरानी के लिए पीजोमीटर और हाइड्रोजियोलॉजी के माध्यम से डेटा सेट तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जोधपुर में करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से सीईटीपी स्थापित किए गए हैं, लेकिन कई सीईटीपी अपनी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रहे हैं। अब इन्हें फुल कैपेसिटी पर संचालित करने तथा सीईटीपी संचालक ट्रस्ट और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित इंटीग्रेटेड ग्रुप की ओर से 20 सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में जोधपुर में विभिन्न विभागों, उद्योगों और संबंधित संस्थाओं के साथ चर्चा की गई है। एक्शन प्लान अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाना है।
मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की व्यवस्थाएं भी देखीं
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने उम्मीद हॉस्पिटल और एसएन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू किया गया है। प्रसव सखी नवाचार और सेतु एप्लीकेशन के माध्यम से रेफरल ट्रांसपोर्ट तथा एंबुलेंस सेवाओं को भी मजबूत किया गया है।
उन्होंने लेबर रूम, नियोनेटल केयर यूनिट, कंगारू केयर, एंटीनेटल केयर और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की मॉनिटरिंग से जुड़े प्रोटोकॉल की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर जोधा के सुपरवाइजरी ओवरसाइट में उम्मीद हॉस्पिटल और एसएन मेडिकल कॉलेज में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिले हैं।
अस्पतालों में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के संचालन पर भी मुख्य सचिव ने संतोष जताया।
जयपुर लौटकर मुख्यमंत्री को देंगे रिपोर्ट
मुख्य सचिव ने कहा कि जोधपुर दौरा सुबह 8 बजे से लगातार चला और विभिन्न स्थानों पर अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की गई। उन्होंने दौरे को सफल बताते हुए कहा कि जयपुर लौटने के बाद मुख्यमंत्री को पूरे दौरे और लिए गए निर्णयों से अवगत कराया जाएगा।
इसके बाद हाईकोर्ट भवन के रिपेयर एवं रिकंस्ट्रक्शन से जुड़े मामले में राजस्थान सरकार की ओर से हाईकोर्ट में एफिडेविट प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार की ओर से एफिडेविट प्रस्तुत किए जाएंगे।
