लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अमोनियम नाइट्रेट विस्फोट से पर्यावरण और जनजीवन पर खतरे के दावे
ग्रामीणों ने खनन माफियाओं पर नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप, मकानों में दरारें, उड़ते पत्थरों और हादसे की आशंका जताई; प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
समदड़ी (बालोतरा)। समदड़ी कस्बे के अडियारी भाखरी क्षेत्र में संचालित खनन गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ खनन पट्टाधारकों द्वारा अमोनियम नाइट्रेट से भारी ब्लास्टिंग कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तथा आसपास के आबादी क्षेत्र की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और खनिज विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन क्षेत्र में होने वाले तेज धमाकों से आसपास के मकानों में दरारें आ रही हैं, कई बार पत्थर उड़कर घरों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच जाते हैं। उनका आरोप है कि ब्लास्टिंग के दौरान धरती तक हिल जाती है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है।
हाईवे, जीएसएस और हाईटेंशन लाइन पर खतरे का दावा
अडियारी भाखरी निवासी राकेश भील ने आरोप लगाया कि उनके मकान के सामने स्थित खनन पट्टे में होने वाली ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर उनके घर तक पहुंचते हैं। उन्होंने दावा किया कि समीप स्थित 133 केवी जीएसएस, हाईटेंशन लाइन तथा बालोतरा-जोधपुर-पाली मुख्य मार्ग पर भी पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आबादी क्षेत्र और धार्मिक स्थल भी प्रभावित होने का आरोप
ग्रामीण भवाराम भील ने आरोप लगाया कि खनन क्षेत्र के पास उनकी आवासीय भूमि है और ब्लास्टिंग के कारण पत्थर उनके मकान तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि क्षेत्र के प्राचीन भुरिया बाबा मंदिर को भी ब्लास्टिंग से नुकसान पहुंचा है, जिससे श्रद्धालुओं में भय का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो बारिश के दौरान पानी से भर जाते हैं। इससे पशुओं और चरवाहों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
अवैध ब्लास्टिंग और लाइसेंस की जांच की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अमोनियम नाइट्रेट से भरे वाहन खुलेआम क्षेत्र से गुजरते हैं, लेकिन उनकी जांच नहीं होती। उन्होंने यह भी मांग की कि संबंधित खनन पट्टों, विस्फोटक सामग्री के लाइसेंस और नियमों के पालन की स्वतंत्र जांच कराई जाए। ग्रामीणों का दावा है कि यदि किसी का लाइसेंस निरस्त हो चुका है तो इसकी भी आधिकारिक पुष्टि कर सार्वजनिक की जाए।
पर्यावरण संरक्षण पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अडियारी भाखरी की पहाड़ियां कभी हरियाली, वन्यजीव और पशुओं का प्रमुख आश्रय थीं, लेकिन लगातार खनन और ब्लास्टिंग से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि धमाकों के कारण वन्यजीवों ने क्षेत्र छोड़ दिया है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खनन गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।















































