मिथिला बिहारी महाराज व अयोध्या संतों ने दिए आशीर्वचन
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर (गोनेर रोड)।श्रीगोपाल सागर आश्रम, विधाणी शुक्रवार को रामधुन और गुरु महिमा के भजनों से सराबोर रहा। श्रीविधाणी परिक्रमा महोत्सव के तहत आयोजित भजन संध्या में लोक कलाकारों ने गुरु और भगवान की महिमा का गुणगान किया। गुरु ही हमें ज्ञान देते हैं। यहां तक कि वेद और ग्रंथों में भी गुरु महिमा का वर्णन किया गया है। तीर्थ और धाम यात्रा जाने से पहले गुरु से आज्ञा लेना अनिवार्य होता है। जीवन में सभी अच्छे बुरे और ऊंचे नीचे दौर में गुरु ही हमारा मार्ग दर्शन करते हैं। जब कोई व्यक्ति बीमारी, परेशानी और आर्थिक तंगी जैसी अंधियारे में फंस जाता है, तो गुरु ही उजाला बनकर राह दिखाते हैं।
लोक कलाकारों के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कन्हैया लाल छीपा, अशोक शर्मा, रमेश छीपा और जगदीश छीपा जैसे कलाकारों ने “गुरुदेव दया करके…”, “विधाणी का महाराज राखो म्हारी लाज…” जैसे भजनों से वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। श्रद्धालु देर तक नृत्य कर प्रभु को रिझाते रहे।
श्रीविधाणी परिक्रमा महोत्सव का दूसरा दिन
आश्रम के लक्ष्मी निधि सरजू बिहारी ने बताया कि महोत्सव 18 से 23 सितंबर तक चलेगा। इसमें अखंड रामधुन, रोजाना भजन संध्या, संतों के आशीर्वचन और निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन होगा।
इस अवसर पर अयोध्या से आए संत लक्ष्मण जिलाधीश ने कहा—
“गुरु ही जीवन का पहला और सच्चा देवता है। जीवन के हर अंधियारे में गुरु ही प्रकाश बनकर मार्गदर्शन करते हैं।”
भजन संध्या के बाद श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसाद का आनंद लिया।
