लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजसमंद (गौतम शर्मा)। सूचना केंद्र राजसमंद में साकेत साहित्य संस्थान की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की जिलाध्यक्ष वीणा वैष्णव ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार मनोहर लाल श्रीमाली एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में राजेंद्र प्रसाद सनाढ्य “राजन” उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से किया गया। गोष्ठी में जिले के कवियों और कवयित्रियों ने हास्य, व्यंग्य, सामाजिक सरोकार और संस्कृति पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर समां बांध दिया।
✍️ कवियों ने प्रस्तुत कीं विविध रचनाएं
संस्थान के उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ने “कमेंट लाइक बिना भी, कवि कर्म निभाना…” कविता प्रस्तुत की। वहीं पुष्पा पालीवाल, डॉ. सम्पत रेगर, चंद्रशेखर नारलाई, राजेंद्र प्रसाद सनाढ्य, अन्नू राठौड़ ‘रुद्रांजली’, विजय सिंह राव, वीणा वैष्णव, लक्ष्मी नारायण पालीवाल, दिनेश श्रीमाली और कुमार दिनेश सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
वरिष्ठ साहित्यकार मनोहर लाल श्रीमाली की हास्य रचना “उलट पुलट हेर फेर हो गया…” को भी खूब सराहना मिली।
साहित्य के माध्यम से जागरूकता का संदेश
संस्थान के संस्थापक सदस्य विजय सिंह राव ने कहा कि कविता समाज का दर्पण होती है और गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाएं सामाजिक जागरूकता से जुड़ी हुई थीं।
अध्यक्ष वीणा वैष्णव ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और साहित्य के प्रति रुचि विकसित करना है।
कार्यक्रम में दिनेश श्रीमाली, विजय सिंह राव, पुष्पा पालीवाल, कुमार दिनेश, अन्नू राठौड़ ‘रुद्रांजली’, लक्ष्मी नारायण पालीवाल, डॉ. सम्पत लाल रेगर, चंद्रशेखर नारलाई सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सह सचिव कुमार दिनेश ने किया, जबकि आभार गोष्ठी प्रभारी चंद्रशेखर नारलाई एवं सह प्रभारी डॉ. सम्पत रेगर ने व्यक्त किया।
