लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
जयपुर, संवाददाता: रूपनारायण सांवरिया – राज्यभर में विलायती बबूल (Prosopis juliflora) के उन्मूलन के लिए राजस्थान सरकार ने व्यापक कार्ययोजना की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में सचिवालय स्थित पंचायती राज सभागार में आज एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने की।
मंत्री मदन दिलावर ने जोधपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश से विलायती बबूल के प्रभावी और स्थायी उन्मूलन के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने वन एवं राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि एक स्पष्ट और पारदर्शी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि प्रत्येक गांव में अभियान के रूप में उन्मूलन कार्य निर्बाध रूप से प्रारंभ किया जा सके और बार-बार अनुमति लेने की आवश्यकता समाप्त हो।
मंत्री ने बताया कि विलायती बबूल एक आक्रामक विदेशी प्रजाति है, जिसकी गहरी जड़ें (लगभग 30 फीट) और अत्यधिक जल सोखने की क्षमता (15 मीटर तक) भूजल स्तर घटाने और मृदा की उर्वरता कम करने का कारण बन रही है। इसके कारण देशी पौधों की प्रजातियाँ भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि कटाई के दौरान अन्य उपयोगी वृक्षों को कोई नुकसान न पहुंचे और परिवहन की अनुमति प्रणाली को सरल बनाया जाए। इसके अलावा, मंत्री ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए तीन से चार साल की दीर्घकालिक योजना बनानी होगी।
राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि यह पौधा चारागाह, कृषि भूमि, नदियों/नालों और सरकारी भूमियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर चरणबद्ध तरीके से इसका उन्मूलन किया जाएगा और सभी विभागों और आम जनता के सहयोग से विलायती बबूल मुक्त राजस्थान का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
बैठक में पंचायती राज विभाग के सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम सहित वन, राजस्व, ग्रामीण विकास, जल संसाधन और संग्रहण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

















































