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पश्चिम बंगाल से लौटने के बाद गहलोत ने दिया गोल- मोल जवाब- बोले 4 दिन इंतजार किजिए?

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

पश्चिम बंगाल से लौटने के पश्चात आज जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की :

बंगाल चुनाव में माहौल को लेकर पूछे प्रश्न पर प्रतिक्रिया :

जयपुर ।  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पश्चिम बंगाल से लौटने के बाद  जयपुर में मीडियाकर्मियों से बात की ।  गहलोत ने बंगाल चुनावों को लेकर कहा कि  चार तारीख का इंतजार कीजिए। ऐसा माहौल है, अच्छी फाइट हो रही है वहां पर और
पहले कहना बड़ा आसान नहीं है। चुनाव इस प्रकार का हो रहा है कि अभी भविष्यवाणी नहीं हो सकती है।
देखिए वो लोग धन का इतना दुरुपयोग कर रहे हैं,इतना इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रहे हैं। आजादी के बाद में इस बार जो इलेक्शन कमीशन की भूमिका हुई है बंगाल में, मेरी समझ में इस प्रकार का आतंक कभी देखा नहीं। SIR का आतंक अलग है। नब्बे लाख वोट कट गए, उसमें इकत्तीस लाख वोट सही पाए गए और सुप्रीम कोर्ट ने कहा अब आपको बैठाइए ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को, न्यायाधीशों को, वो टीमें बनी। वो भी इकत्तीस लाख को जांच नहीं कर पाई। आप सोच सकते हो। मेरी दृष्टि में तो चुनाव पोस्टपोन क्यों नहीं किया इलेक्शन कमीशन ने ?
उनकी पहली ड्यूटी है डेमोक्रेसी बचाने के लिए। चाहे कोई जीतो, चुनाव निष्पक्ष हो, सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी की है तो है इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की है। उसमें कोई ज्यूडिशियरी हो,प्रशासनिक लोग हो, सरकार हो, कोई मायने नहीं रखती। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। डेमोक्रेसी तभी बचती है जब निष्पक्ष चुनाव हो और चुनाव में कोई पार्टी जीते अलग बात है।
वहां पर जो सड़कों पर उतारे गए CISF के या CRPF के बंदूकें लगी बख्ताबंद गाड़ियां, तो क्या हो क्या रहा है देश के अंदर। इस रूप में वहां पर डराया गया, धमका गया और पैसे बांटे जा रहे हैं। मतलब कोई ऐसा साधन नहीं है जो उन्होंने नहीं लगाया हो।

वो अलग बात है छह महीने पहले लोगों को बैठा दिया। भेज दिया पूरे देश से लोगों को,कोई छह महीने, कोई तीन महीने। उसमें हम लोग उनकी कुछ शिकायत नहीं कर सकते क्योंकि वो तो एक तरीका है चुनाव लड़ने का अलग अलग। उन्होंने अपनाया तरीका एडवांस में कैनवसिंग करने का, घर घर जाने का, मैनेजमेंट करने का। उसमें मुझे कोई शिकायत नहीं है। पर शिकायत इस बात की है
बाकी जो हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, धन का दुरुपयोग हो रहा है और क्या सब काम क्या है वो, बख्तरबंद गाड़ी है, सड़कों पर घूम रही थी वहां पर। इसको हम क्या कहें। SIR के माध्यम से लोगों के वोट कट गए हैं कि लोग वोट दे नहीं पा रहे हैं। अगर वोट यहां पैदा हुआ
व्यक्ति नहीं दे पाएगा तो इससे बड़ा क्राइम क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट भी यही कह रहा है। यह माहौल में हम क्या बताएं आपको कौन जीत रहा है, कौन हार रहा है।
कोई व्यक्ति मुझे नहीं मिला जो क्लियर कट अपनी बात कह रहा हो कि साहब ये होने जा रहा है।
अगर बीजेपी माइंडेड व्यक्ति कोई मिल गया, पत्रकार भी, तो वो उस ढंग से बात कर रहा है। TMC का पत्रकार मिल गया, उस ढंग से बात कर रहा है और कांग्रेस ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया कि भाई एक बार हमने जानबूझकर सभी सीटों पर चुनाव लड़वाए हैं
क्योंकि पहले करीब तीस बत्तीस से राज किया CPM ने। पंद्रह साल से राज कर रही है आपका ममता जी। अब ये BJP घुस जाएगी वहां मान लो, जो हथकंडे अपनाए जा रहे हैं,
चुनाव नाम की चीज तो है ही नहीं। हथकंडे वाला कैंपेन चल रहा है। हथकंडे वाला मैनेजमेंट है चुनाव का। हथकंडे से जीतने का वहां पर षड्यंत्र चल रहा है। अगर उसमें कामयाब हो गए तो सामने आ जाएगा चार तारीख को। फेल हो गए तो ममता जी वापस मुख्यमंत्री बन जाएगी। यह मेरा मानना है।
पर चुनाव, जो है इलेक्शन कमीशन के खुद के हारने का जीतने का है। अगर वो जीतेगा
तो बर्बाद करके जाएगा ये इलेक्शन कमीशन बंगाल को भी और देश को भी,बर्बादी के रास्ते पर धकेल रहा है चुनाव आयोग देश का। ये मेरा आरोप उनके ऊपर है।
और चुनाव आयोग हार गया तो एक सबक मिलेगा चुनाव आयोग को भी। सब कुछ उन्होंने कर लिया तब भी हम जीत नहीं पाए।

आप पार्टी के सातों सांसदों के भाजपा में विलय से संबंधित प्रश्न का जवाब :

मैंने कहा आपको जो हथकंडे वाले कैंपेन हैं, षड्यंत्र वाले चुनाव हो रहा है तो सोच सकते हो कुछ भी हो सकता है।

मीडिया द्वारा पूछने कि बंगाल में मेरा बयान था कि बीजेपी की एंट्री के लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार होंगी:

देखो राहुल गांधी जी ने यह बात कही, मैंने रिपीट किया वहां पर कि अगर इस बार जो शिकायत आई है,चाहे वो करप्शन की भी हो या अन्य प्रकार की हो,उसके कारण से एक मौका मिल गया BJP को ज्यादा घुसपैठ का। ये बात राहुल जी भी कह रहे हैं, मैं भी कह रहा हूं। कुछ तो गलती होती सरकारों से, या तो गलती होती है
या फिर अन्ना हजारे की तरह के लोग आंदोलन करने बैठते हैं RSS के support से, षड्यंत्र होते हैं सरकार को गिराने के लिए जो हमारे साथ हुआ।
UPA गवर्नमेंट नहीं जाती, जिस प्रकार के 2जी स्पेक्ट्रम जिस प्रकार से कोल गेट एक लाख सत्तर हज़ार करोड़ का घोटाला हो गया वो बारह साल में कहां गया मोदी जी को पूछो कि वो लोकपाल कहां गया? कोल गेट कहां गया? 2 जी स्पेक्ट्रम कहां गया? डॉ. मनमोहन सिंह जी की सरकार को गिराने के लिए षड्यंत्र किया गया।
तो या तो षड्यंत्र होते हैं जो इनकी फितरत के अंदर है RSS और बीजेपी की। हिंदुत्व का नाम लो, चुनाव वोट लो और या फिर जो मैंने बताया आपको नक्शा बंगाल का, वो स्थिति बनती है,तब आप कुछ नहीं कर सकते हो।
इस प्रकार अगर चुनाव आयोग जीतता है, यह कोई बीजेपी की जीत नहीं होगी, चुनाव आयोग की जीत होगी। अगर बीजेपी जीतती है बंगाल में तो मेरा रीडिंग यह है असेसमेंट यह है वहां जीत जो है बीजेपी की नहीं होगी, उनके हथकंडों की होगी।
उनका जो नेचर है डेमोक्रेसी खत्म करना उसकी होगी और जीत होगी इलेक्शन कमीशन की

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