पंचायत कार्यालयों में ताले की खबर का असर

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 16 ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

प्रतापगढ़। छोटी सादड़ी पंचायत समिति क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में कार्यालय बंद रहने और ताले लगे होने की खबर समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। इस पर पंचायत समिति छोटी सादड़ी के विकास अधिकारी ने 16 ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस का आधार

  • 07 मार्च 2026 को प्रकाशित खबर में यह सामने आया कि कई ग्राम पंचायत कार्यालय निश्चित समय पर नहीं खुल रहे थे

  • राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई अनिवार्य है।

  • इसके बावजूद कई पंचायतों में कार्यालय बंद पाए गए।

नोटिस प्राप्त अधिकारियों की सूची

  1. कन्हैयालाल जाटिया – ग्राम पंचायत बंबोरी

  2. सुरेश चंद्र बावरी – ग्राम पंचायत स्वरूपगंज, पीलीखेड़ा

  3. प्रदीप शर्मा – ग्राम पंचायत अचलपुरा, अंबावली

  4. मधुबाला पालीवाल – ग्राम पंचायत चंदौली

  5. रायचंद रेगर – ग्राम पंचायत नारायणी

  6. मिट्ठू लाल – ग्राम पंचायत भाटखेड़ी

  7. मंजू चौधरी – ग्राम पंचायत धोलापानी

  8. सूरजमल – ग्राम पंचायत सियाखेड़ी, कालाकोट

  9. लक्ष्मण सेन – ग्राम पंचायत मानपुरा जागीर, करजू

  10. शांतिलाल मेघवाल – ग्राम पंचायत रंभावली, जलोदा जागीर

  11. राम अवतार यादव – ग्राम पंचायत बरखेड़ा, घोमना, सेमरतेली

  12. देवपाल रेगर – ग्राम पंचायत कारुड़ा

  13. विक्रम मेनारिया – ग्राम पंचायत ढावटा, गणेशपुरा

  14. मदनलाल जनवा – ग्राम पंचायत हरिपुरा

  15. शिवलाल तंबोली – ग्राम पंचायत सटोला

  16. सोहनलाल मीणा – पंचायत समिति छोटी सादड़ी

कार्रवाई का निर्देश

  • सभी अधिकारियों को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश।

  • संतोषजनक जवाब न मिलने पर राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 17 के तहत कार्रवाई की चेतावनी।

जिला परिषद का बयान

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि अगर ग्राम विकास अधिकारी या कोई भी कर्मचारी इस तरह की लापरवाही करते हैं, तो इनकी प्रमोशन रोकी जा सकती है

  • कार्यालय समय पर खोलें

  • कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें

  • आम जनता के काम समय पर करें

समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ, पंचायतों में ताले लगे अधिकारियों से जवाब मांगा गया और भविष्य में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। यह दिखाता है कि सामाजिक जागरूकता और मीडिया रिपोर्टिंग प्रशासनिक जवाबदेही को बढ़ाती है।

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