लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
18 नवम्बर को जयपुर में विशाल धरना
जयपुर।
राज्य सरकार द्वारा 9 अक्टूबर 2025 को बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थानों और विश्वविद्यालयों में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) समाप्त करने के आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में जबरदस्त विरोध हुआ।
ओपीएस बचाओ संयुक्त मंच के आह्वान पर मंगलवार, 11 नवम्बर 2025 को विभिन्न संस्थानों के सेवारत और सेवानिवृत कार्मिकों एवं अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर अपने-अपने कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया।
इस आंदोलन में रोडवेज, बिजली कंपनियाँ, जयपुर सीटी ट्रांसपोर्ट, पर्यटन विकास निगम, वित्त निगम, भण्डार व्यवस्था निगम, जयपुर मेट्रो, राज्य कृषि विपणन बोर्ड, राजस्थान विश्वविद्यालय, राज ऋषि मत्स्य विश्वविद्यालय सहित अनेक संस्थानों के कर्मचारी शामिल हुए।
संयुक्त मंच ने सरकार के आदेश को कार्मिक विरोधी और अन्यायपूर्ण बताते हुए माँग की कि राज्य सरकार 9 अक्टूबर 2025 का आदेश तत्काल वापस ले, सभी संस्थानों में ओपीएस को जारी रखने की घोषणा करे तथा जहाँ यह योजना लागू नहीं है, वहाँ शीघ्र लागू की जाए।
संयुक्त मंच ने काली पट्टी आंदोलन में प्रदेशभर में हुई व्यापक भागीदारी पर सभी कार्मिकों को धन्यवाद दिया और घोषणा की कि दूसरा चरण 18 नवम्बर 2025 को जयपुर के शहीद स्मारक परिसर में विशाल धरने के रूप में आयोजित किया जाएगा।
महासचिव धर्मवीर चौधरी (राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन–एटक) ने कहा —
“पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अप्रैल 2023 में जिन संस्थानों में ओपीएस लागू की थी, उसे वर्तमान सरकार ने ढाई साल में ही खत्म कर दिया है। यह निर्णय कार्मिकों के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार की नीति की दिशा को स्पष्ट करता है।”
धर्मवीर चौधरी, महासचिव
राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन (एटक)
कृते — ओपीएस बचाओ संयुक्त मंच
94136 76505