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NIA का बड़ा खुलासा: यूपी विधानसभा और राजभवन को निशाना बनाने की थी साजिश

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

ChatGPT और यूट्यूब की मदद से बम बनाने की जानकारी जुटाने का आरोप

नितिन मेहरा, वरिष्ठ संवाददाता (राजस्थान)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अल-कायदा समर्थित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद के एक कथित हाईटेक आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। एजेंसी द्वारा कोर्ट में दाखिल विस्तृत चार्जशीट में दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा और राजभवन सहित कई संवेदनशील ठिकाने आतंकियों के निशाने पर थे।

‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ के तहत रची गई थी साजिश

जांच एजेंसी के अनुसार, यह मॉड्यूल कथित तौर पर “ऑपरेशन हेवनली हिंद” नाम से सक्रिय था। चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपियों का उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देना था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और वीआईपी मूवमेंट की रेकी की थी।

लखनऊ को बनाया गया था ऑपरेशनल बेस

चार्जशीट के मुताबिक, लखनऊ को कथित तौर पर मॉड्यूल का लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल बेस बनाया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि यहां स्थानीय स्तर पर रसायन और अन्य सामग्री जुटाई गई।

एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने कुछ वाहनों का उपयोग संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए करने की योजना बनाई थी।

ChatGPT और यूट्यूब से जुटाई तकनीकी जानकारी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इंटरनेट प्लेटफॉर्म और एआई आधारित चैट टूल्स का इस्तेमाल कर विस्फोटक और रॉकेट संबंधी तकनीकी जानकारी खोजने का प्रयास किया। चार्जशीट के अनुसार, यूट्यूब और ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म पर रसायनों के मिश्रण और इम्प्रोवाइज्ड डिवाइस से जुड़ी जानकारी सर्च की गई थी।

‘मदर ऑफ सैटन’ विस्फोटक का जिक्र

एनआईए ने आरोप लगाया है कि मॉड्यूल द्वारा TATP नामक विस्फोटक तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। यह अत्यधिक संवेदनशील और खतरनाक विस्फोटक माना जाता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “मदर ऑफ सैटन” के नाम से भी जाना जाता है।

शिक्षित लोगों के शामिल होने का दावा

चार्जशीट में दावा किया गया है कि इस नेटवर्क में मेडिकल और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से जुड़े लोग शामिल थे। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ आरोपी उच्च शिक्षित पेशेवर थे, जिनमें एक विश्वविद्यालय से जुड़ा व्यक्ति भी शामिल है।

समय रहते कार्रवाई से टली बड़ी घटना

जांच एजेंसियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई के कारण कथित मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे संभावित बड़े हमलों को रोका जा सका। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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