लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
आमजन को मिल रही आसान स्वास्थ्य सेवाएँ, प्रदेश में बढ़ रही जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य मानक
जयपुर ।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिबद्धता और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर तेजी से बदल रही है। नवाचार आधारित योजनाओं और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण, शहरी, रेगिस्तानी तथा आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ आमजन तक सुगमता से पहुँच रही हैं। साथ ही स्वास्थ्य मानकों में सुधार और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति जागरूकता का विस्तार भी हो रहा है।
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई योजनाएँ जैसे निरामय राजस्थान अभियान, मिशन मधुहारी, मिशन लीवर स्माइल, स्तनपान प्रबंधन इकाइयाँ, हीमोडायलिसिस वार्ड, मुख्यमंत्री आयुष्मान आदर्श ग्राम पंचायत योजना, स्वस्थ नारी चेतना अभियान, मिशन ओबीलॉस आदि ने न केवल बीमारियों के इलाज में मदद की है बल्कि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को भी सशक्त किया है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण हुआ है और आमजन को बेहतर सुविधाएँ मिल रही हैं।
निरामय राजस्थान अभियान: सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवा की दिशा में बड़ा कदम
‘निरामय राजस्थान’ अभियान का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। यह अभियान निवारक स्वास्थ्य, जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 7 अप्रैल 2025 को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर इसकी शुरुआत की। अभियान के तहत हर माह अलग थीम तय कर स्वच्छता, संतुलित आहार, योग, रोग स्क्रीनिंग और पोषण जैसी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को प्रेरित किया जा रहा है।
मिशन मधुहारी: टाइप-1 डायबिटीज के प्रबंधन में नवाचार
मधुमेह, विशेष रूप से टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित लोगों के लिए मिशन मधुहारी महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य समय पर निदान, उपचार और जागरूकता बढ़ाकर रोग के बोझ को कम करना है। योजना के तहत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में निःशुल्क इंसुलिन, ग्लूकोमीटर और ग्लूको स्ट्रिप उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि मधुमेह से पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
मिशन लीवर स्माइल: युवाओं में बढ़ते लीवर रोग पर नियंत्रण
जंक फूड और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के चलते युवाओं में नॉन-एल्कोहोलिक फेटी लीवर डिजीज के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए मिशन लीवर स्माइल शुरू किया गया है। प्रदेश के 61 जिला अस्पतालों में लीवर क्लिनिक स्थापित कर अब तक 32 हजार से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें करीब 1300 में फेटी लीवर के लक्षण पाए गए हैं।
स्तनपान प्रबंधन इकाइयाँ: मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार
राज्य में 29 स्तनपान प्रबंधन इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। इनका उद्देश्य नवजात शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध कराना, स्तनपान से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना और माताओं को प्रशिक्षण प्रदान करना है। इससे शिशु मृत्यु दर में कमी और पोषण स्तर में सुधार हो रहा है।
हीमोडायलिसिस वार्ड: किडनी रोगियों के लिए जीवनरक्षक सुविधा
जिला अस्पतालों में हीमोडायलिसिस वार्ड स्थापित कर गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए उपचार सुलभ किया गया है। पहले जहां दूरदराज क्षेत्रों में यह सुविधा सीमित थी, अब मरीजों को डायलिसिस जैसी जरूरी सेवाएँ स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आदर्श ग्राम पंचायत योजना: स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए यह योजना लागू की गई है। इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल मेडिकल यूनिट, स्वच्छ पेयजल और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
स्वस्थ नारी चेतना अभियान: एचआईवी संक्रमित महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा
राजस्थान में लगभग 28,700 एचआईवी संक्रमित महिलाएँ हैं, जिनमें सर्वाइकल कैंसर का खतरा आम महिलाओं की तुलना में 6 गुना अधिक है। इनके लिए राज्य के 36 एआरटी केंद्रों पर चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित कर निःशुल्क स्क्रीनिंग कराई जा रही है। अब तक 12,300 से अधिक महिलाओं की जांच की गई है, जिसमें 1300 से अधिक महिलाओं में कैंसर के लक्षण पाए गए हैं।
राजस्थान सरकार की ये पहलें प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर रही हैं और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बना रही हैं। उपचार के साथ-साथ जागरूकता, निवारक उपाय, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है।
















































