लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राठौड़ी कुआं स्कूल में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रबल कार्यक्रम संपन्न, 14 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) नागौर के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राठौड़ी कुआं में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रबल कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रतियोगिता में जिलेभर के 14 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें छात्र वर्ग से हरिराम और कृष्णकांत तथा छात्रा वर्ग से लक्षिता गोरेर और तानिया जांगिड़ ने प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त किया। चारों विजेता अब जयपुर में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम की मॉक असेंबली में नागौर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
14 कौशलों के विकास पर दिया जोर
समापन समारोह का शुभारंभ समसा की अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) अर्चना टेलर, एपीसी अजय शर्मा, सहसंयोजक जेठाराम बागड़िया और प्राचार्य भंवरलाल कासनिया ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान जेठाराम बागड़िया ने 21वीं सदी के 14 कौशलों की विस्तार से जानकारी दी और विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम अधिकारी राजेश देवड़ा ने बताया कि प्रतियोगिता तीन निर्धारित थीम और 21वीं सदी के कौशलों के विकास पर केंद्रित थी। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भागीदारी की।
छात्र और छात्रा वर्ग में ये रहे विजेता
प्रतियोगिता के छात्र वर्ग में नागौर के हरिराम ने प्रथम और मेड़ता के कृष्णकांत ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं, छात्रा वर्ग में मेड़ता की लक्षिता गोरेर प्रथम और जायल की तानिया जांगिड़ द्वितीय स्थान पर रहीं।
सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। चारों विजेता विद्यार्थियों के खातों में 3,100 रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी।
जयपुर विधानसभा में दिखाएंगे नेतृत्व क्षमता
एपीसी अजय शर्मा ने बताया कि चारों विजेता जयपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत मॉक असेंबली में भाग लेंगे और विधानसभा में नागौर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल को समझने का अवसर मिलेगा।
रचनात्मक गतिविधियों से प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
एडीपीसी अर्चना टेलर ने विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के लिए ऐसी रचनात्मक गतिविधियों को उपयोगी बताया। प्राचार्य मनोज व्यास ने राजस्थानी कविता के माध्यम से बच्चों को प्रेरित किया, जबकि प्राचार्य घनश्यामदान ने प्रेरक प्रसंगों के जरिए जीवन कौशल के विभिन्न पहलुओं को समझाया।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारी सुरेंद्र फुलवारिया ने प्रतिभागियों और निर्णायक मंडल के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मांगीलाल देवड़ा ने किया।




















































