लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट: प्रदीप कुमार डागा
नागौर: जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान सरकार में सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल अधिकारिता विभाग की राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. बाघमार ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रावधानों और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और महिला स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से मजबूत बनाना है।
डॉ. बाघमार ने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं के विकास और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विभिन्न योजनाओं व कानूनों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए अधिनियम से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।
