लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अत्याधुनिक हथियारों और युद्ध तकनीकों से रूबरू होगा आमजन
भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल और राष्ट्र की आत्मा — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के अंतर्गत गुरुवार को भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरणों, हथियारों और सैन्य संसाधनों का अवलोकन किया।
हर मोर्चे पर मुस्तैद भारतीय सेना
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल, हर परिवार का भरोसा और राष्ट्र की आत्मा है। रेगिस्तान से लेकर सियाचिन की बर्फीली चोटियों तक हमारे जवान हर परिस्थिति में मुस्तैदी से तैनात हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने यह सिद्ध किया है कि भारतीय सेना किसी भी आक्रामकता का सटीक और सशक्त जवाब देने में सक्षम है।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पूरी दुनिया ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की अटूट प्रतिबद्धता को देखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मिशन सुदर्शन चक्र के अंतर्गत भारत आज किसी भी खतरे का निर्णायक जवाब देने में सक्षम बन चुका है। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की कर्मभूमि और जन्मभूमि है, जिसने परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह जैसे महान योद्धा देश को दिए हैं।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को प्राथमिकता दी गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का वार्षिक रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जबकि रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहा है।
पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के लिए कल्याणकारी कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं की पेंशन 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है, जिससे 976 पूर्व सैनिक एवं विधवाएं लाभान्वित हुई हैं। वीरगति प्राप्त सैनिकों के सम्मान में 43 विद्यालयों का नामकरण किया गया है। पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों की वीरांगनाओं को आवास भी प्रदान किए गए हैं।
प्रदर्शनी में सैन्य शक्ति का जीवंत प्रदर्शन
प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रयुक्त आधुनिक हथियारों, आर्टिलरी, टैंक, ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली, बंकर एवं अन्य सैन्य संसाधनों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही मैकेनाइज्ड फोर्सेज, स्काई डाइविंग, पैराग्लाइडिंग, डॉग स्क्वॉड सहित विभिन्न गतिविधियों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन हुआ। सिम्फनी बैंड की देशभक्ति प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं का सम्मान भी किया।
कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, सैनिक कल्याण राज्य मंत्री विजय सिंह, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सैनिक, एनसीसी कैडेट्स एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।