लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जनहित और सुशासन की दिशा में प्रदेश सरकार का संवेदनशील कदम
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना से जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक सोमवार मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की जा रही है।
इस पहल के तहत मुख्यमंत्री सीधे आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हैं। इससे प्रशासन में संवेदनशीलता और जवाबदेही का वातावरण बन रहा है तथा लोगों को मौके पर ही राहत मिल रही है।
जनसुनवाई से मिली राहत के प्रेरक उदाहरण
शहीद परिवार को मिली मदद – बाड़मेर जिले के शहीद उगम सिंह की वीरांगना किरण कंवर को मुख्यमंत्री की पहल पर बड़ी राहत मिली। उनकी पुत्री ज्योति राठौड़ को शहीद आश्रित कोटे से केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, बाड़मेर में निरीक्षक ग्रेड द्वितीय के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई।
स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा समाधान – अलवर जिले की सुनीता सैनी अपने पुत्र रिनित का अपेंडिक्स का इलाज नहीं करवा पा रही थीं क्योंकि उनका आयुष्मान आरोग्य योजना में पंजीकरण नहीं हो पाया था। जनसुनवाई में समस्या सामने आने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित कर इलाज सुनिश्चित कराया। अब रिनित का उपचार योजना के तहत किया जा रहा है।
दिव्यांग महिला को मिली स्कूटी – जोधपुर जिले की दिव्यांग महिला संजू को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रशासन को स्कूटी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अब उनकी राह सुगम हो गई है।
हजारों लोगों की उम्मीदों का केंद्र
ये उदाहरण तो मात्र कुछ हैं। मुख्यमंत्री निवास पर हर सप्ताह हजारों लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं और अधिकतर मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया जाता है। समाधान के बाद लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखने को मिलती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह प्रयास पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद की भावना को प्रतिबिंबित करता है और जनकल्याण की सोच को व्यवहार में परिणत कर रहा है। यह पहल प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।