लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बजट में महिला सशक्तिकरण की कई घोषणाएं
जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और पेशेवर दृष्टि से सशक्त बनाने के लिए निरंतर पहल कर रही है। इस वर्ष के बजट में महिला सुरक्षा, उद्यमिता और पोषण संबंधी कई महत्वाकांक्षी प्रावधान किए गए हैं।
महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता
राज्य सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना के तहत जिला स्तर पर रूरल विमेन बीपीओ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना में ऋण सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई है, जिससे महिला उद्यमिता को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
राजीविका के तहत 100 क्लस्टर लेवल फेडरेशन कार्यालयों के निर्माण के साथ ‘सक्षम सेंटर’ शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाओं को डिजिटल और वित्तीय साक्षरता में प्रशिक्षित किया जाएगा। 50 नए एंटरप्राइजेज स्थापित किए जाएंगे, जिनमें डेयरी, टैक्सटाइल, फुटवियर, मिलेट्स और मसालों से संबंधित व्यवसाय शामिल हैं। इन उत्पादों की ब्रांडिंग और बिक्री राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
राज सखी स्टोर्स और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट
सभी संभागीय मुख्यालयों पर ‘राज सखी स्टोर्स’ स्थापित किए जाएंगे ताकि महिलाओं को उद्यम के लिए क्षमता संवर्धन मिले। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई है। इसके अलावा लगभग 5,000 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर ‘बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट’ सखी बनाया जाएगा।
पोषण और बालिकाओं के लिए योजनाएं
11,000 अमृत पोषण वाटिकाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए स्थानीय स्तर पर ताजा फल और सब्जियां उपलब्ध होंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन कोर्स और प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
किशोरी बालिका योजना का विस्तार कर इसे राज्य के सभी 27 आकांक्षी ब्लॉक्स में लागू किया जाएगा, जिससे 50,000 से अधिक किशोरी बालिकाएं पूरक पोषण का लाभ ले सकेंगी। 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों की देखभाल के लिए ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ कार्यालयों में खोले जाएंगे।
महिला सुरक्षा को बढ़ावा
महिला सुरक्षा के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की संख्या 500 से बढ़ाकर 600 की जाएगी। 100 पुलिस थानों में महिला बैरक विकसित किए जाएंगे। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षाकर्मियों और गाइड्स की नियुक्ति की जाएगी।
मुख्यमंत्री योजनाओं से सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाएं मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट, लाडो प्रोत्साहन, मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्द्धन, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन, सोलर दीदी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बनी हैं। इन पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे राज्य के विकास में निर्णायक भागीदारी निभा सकेंगी।
