लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भारतीय मजदूर संघ की बैठक में बनी रणनीति, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
जयपुर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) जिला जयपुर की ओर से गुरुवार को आयोजित बैठक में 17 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी श्रमिक आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह गुर्जर ने की। इसमें वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एस.के. राठौर, क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री हरिओम शर्मा, प्रदेश मंत्री आनंद प्रकाश, वरिष्ठ पदाधिकारी कैलाश शर्मा, जिला मंत्री महेंद्र सैनी, मीडिया प्रभारी अक्षय कुमार मीना सहित विभिन्न औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर 17 अगस्त को जयपुर सहित राजस्थान के सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों की लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की जाएगी। इसके लिए जयपुर जिले में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश के करोड़ों श्रमिक, कर्मचारी, असंगठित क्षेत्र के कामगार और योजना कर्मी आज भी कई मूलभूत अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं। भारतीय मजदूर संघ लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहा है और 17 अगस्त का राष्ट्रव्यापी आंदोलन इसी संघर्ष का महत्वपूर्ण चरण होगा।
प्रमुख मांगें
भारतीय मजदूर संघ ने आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें—
- न्यूनतम मजदूरी 30,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की जाए।
- ईएसआईसी वेतन सीमा बढ़ाकर 42,000 रुपये की जाए।
- ईपीएफ वेतन सीमा 30,000 रुपये निर्धारित की जाए।
- न्यूनतम ईपीएस पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह के साथ महंगाई भत्ता एवं चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
- बोनस पात्रता सीमा 42,000 रुपये तथा बोनस गणना सीमा 18,000 रुपये की जाए।
- योजना कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की जाए।
- समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
- श्रम कानूनों के श्रमिक विरोधी प्रावधानों को समाप्त किया जाए।
- ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 40 लाख रुपये की जाए।
बैठक में सभी संबद्ध महासंघों, यूनियनों एवं श्रमिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि “राष्ट्र प्रथम, श्रम सर्वोपरि” के मूल मंत्र के साथ भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगा।