लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) — राज्य सरकार ने खरीफ-2026 के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री की औपचारिक अनुमति जारी कर दी है। यह अनुमति केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) तथा बीटी कपास पर स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर दी गई है।
- खरीफ-2026 के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री को मंजूरी
- 34 अनुमोदित बीज कंपनियों को आपूर्ति की अनुमति
- कृषि विभाग करेगा क्षेत्रवार प्रदर्शन परीक्षण और निगरानी
- संवेदनशील जिलों में कुछ हाइब्रिड बीजों की बिक्री पर प्रतिबंध
- किसानों के लिए त्रि-स्तरीय प्रशिक्षण अनिवार्य
क्षेत्रीय परीक्षण और प्रतिबंध
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने बताया कि प्रत्येक हाइब्रिड का प्रदर्शन एटीसी, एआरएस और केवीके फार्मों पर कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार जांचा जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जैसे जिलों में सफेद मक्खी और कॉटन लीफ कर्ल वायरस (CLCuD) के प्रति संवेदनशील हाइब्रिड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
किसानों के लिए निर्देश
बीज कंपनियों को किसानों को तीन चरणों में प्रशिक्षण देना होगा—
- बुवाई से पहले
- फसल वृद्धि के दौरान
- कटाई के समय
इसके साथ ही रिफ्यूज बीज अनुपात (20% क्षेत्र या सीमावर्ती कतारें) का पालन अनिवार्य होगा।
बिक्री, गुणवत्ता और निगरानी
- बीज कीमतें सरकारी निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होंगी
- हर पैकेट पर QR कोड और सत्यापन नंबर अनिवार्य
- जिला-वार बिक्री रिपोर्ट कृषि विभाग को देनी होगी
- सहकारी क्षेत्र को 15–20% आपूर्ति में प्राथमिकता
सरकार की व्यवस्था
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीज वितरण और बिक्री की लगातार निगरानी की जाएगी तथा भविष्य की नीतियों के लिए प्रदर्शन रिपोर्टों का विश्लेषण किया जाएगा।
