लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
– महंगाई का ‘ट्रिपल अटैक’: 10 दिनों में पेट्रोल 4.74 रुपए प्रति लीटर महंगा, आम आदमी की जेब पर सीधा होगा असर, सहमा बाजार
मनोहरसिंह खोखर। जयपुर
आम उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार सुबह एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। पिछले मात्र 10 दिनों के भीतर ईंधन की दरों में यह तीसरी लगातार वृद्धि है। इस तिहरे झटके के कारण पेट्रोल औसतन 4.74 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। इस बढ़ोतरी के बाद न सिर्फ आम आदमी का मासिक बजट बिगड़ गया है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में चौतरफा महंगाई का खतरा भी मंडराने लगा है। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारी स्थानीय टैक्स और माल ढुलाई के कारण पेट्रोल की कीमत 117.20 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जो देश में सबसे महंगी है।
10 दिनों का हिसाब : कब कितनी लगी आग?
15 मई 2026 (पहला झटका) : तेल कंपनियों ने सीधे 3.00 प्रति लीटर की एकमुश्त ऐतिहासिक बढ़ोतरी की।
19 मई 2026 (दूसरा झटका) : इसके ठीक चार दिन बाद पेट्रोल पर 90 पैसे प्रति लीटर और बढ़ा दिए गए।
23 मई 2026 (तीसरा झटका) : शनिवार सुबह पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर का ताजा इजाफा किया गया।
– इसके साथ ही कई शहरों में सीएनजी (CNG) के दाम भी 2 प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जिससे सीएनजी वाहनों का सफर भी महंगा हो गया है।
इस ‘ट्रिपल हाइक’ के 5 बड़े परिणाम :
1. माल ढुलाई में 3% तक की बढ़ोतरी :
देश का 80% से अधिक घरेलू सामान ट्रकों के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) के मुताबिक, लगातार तीन बार डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टर्स का मुनाफा खत्म हो गया है। आने वाले एक-दो दिनों में देश भर में माल ढुलाई का भाड़ा 2.5% से 3% तक बढ़ना तय है।
2. रसोई का बजट बिगड़ेगा (फल, सब्जियां और दूध महंगे) :
ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ते ही थोक मंडियों से शहरों तक आने वाली आवश्यक वस्तुएं महंगी हो जाती हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस ईंधन वृद्धि के कारण फल, सब्जियां, दालें और राशन की कीमतों में तत्काल तेजी आएगी। परिवहन लागत के दबाव के कारण देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों (अमूल और मदर डेयरी) ने पहले ही दूध की कीमतों में 2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।
3. खुदरा महंगाई दर में उछाल :
रेटिंग एजेंसी ICRA Ratings और इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल, डीजल और दूध की कीमतों में हुई इस संयुक्त बढ़ोतरी से देश की खुदरा महंगाई पर 42 बेसिस पॉइंट्स (0.42%) का अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। ICRA ने मई 2026 के लिए अपने खुदरा महंगाई अनुमान को 4.1% से बढ़ाकर 4.3% कर दिया है।
4. किसानों पर दोहरी मार :
ग्रामीण क्षेत्र में इस समय खरीफ फसलों (धान, मक्का आदि) की बुवाई की तैयारियां चल रही हैं। खेती में जुताई के लिए ट्रैक्टर और सिंचाई के लिए डीजल पंप सेटों का भारी इस्तेमाल होता है। डीजल के दाम 4 से अधिक बढ़ने से किसानों की लागत काफी बढ़ जाएगी, जिससे उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।
5. लोन की किस्तें फिलहाल नहीं होंगी सस्ती :
महंगाई को काबू में रखना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की प्राथमिकता है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि ईंधन की वजह से यदि महंगाई बढ़ती है, तो RBI ब्याज दरों में कटौती के फैसले को टाल सकता है। इसका मतलब है कि आम जनता को होम लोन या कार लोन की EMI में राहत के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा।
इसलिए बढ़ रहे हैं दाम :
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराया हुआ है। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल कंपनियां इसका बोझ घरेलू बाजार पर डाल रही हैं।
एक राहत की खबर ; अब वेनेजुएला से आएगा सस्ता तेल :
भारत ने वेनेजुएला से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है और मई 2026 में वेनेजुएला, सऊदी अरब और अमेरिका को पछाड़कर भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है। वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल भारत को काफी किफायती दामों पर मिल रहा है। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावट के बीच भारत ने अपनी तेल आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठाया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) जैसी भारतीय रिफाइनरियां इस भारी तेल को रिफाइन करने में सक्षम हैं, जिससे कंपनियों का मुनाफा भी बढ़ेगा।
जयपुर से ग्राउंड रिपोर्ट: पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा और मायूसी :
जयपुर के एमआई रोड, टोंक रोड और वैशाली नगर के पेट्रोल पंपों पर शनिवार सुबह आम उपभोक्ताओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया और भारी निराशा देखने को मिली। टोंक रोड पर बाइक में तेल डलवाने आए एक निजी कंपनी के कर्मचारी अखिलेश चौधरी ने कहा, “मेरी सैलरी नहीं बढ़ती, लेकिन 10 दिन में पेट्रोल 5 महंगा हो गया। मेरा ऑफिस घर से 15 किलोमीटर दूर है। अब महीने का सिर्फ पेट्रोल का खर्च 1500 बढ़ जाएगा। समझ नहीं आता कि घर का राशन चलाएं या गाड़ी।”
– ऑटो और कैब चालकों की परेशानी : सिंधी कैंप बस स्टैंड के पास खड़े ऑटो चालक यूनुस खान ने बताया, पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी भी 2 महंगी हो गई है। सवारी पुराना किराया ही देना चाहती है। अगर हम किराया बढ़ाते हैं तो लोग बैठते नहीं हैं। दिनभर की कमाई अब सिर्फ तेल के पैसे चुकाने में जा रही है।
जयपुर में पेट्रोल और डीजल के दाम (23 मई 2026) :
पेट्रोल: 113. प्रति लीटर (3 बार की बढ़ोतरी के बाद कुल 4.74 महंगा हुआ)
डीजल: 98.67 प्रति लीटर
श्रीगंगानगर में देश का सबसे महंगा ईंधन :
राजस्थान के भीतर ही जिलों के अनुसार दाम बदलते हैं क्योंकि तेल डिपो से दूरी के आधार पर माल ढुलाई जुड़ती है। जयपुर के मुकाबले श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में पेट्रोल की कीमत 117.20 + प्रति लीटर को पार कर चुकी है, जो पूरे भारत में ईंधन की सबसे ऊंची दरों में से है।
आगे क्या :
व्यापारियों का मानना है कि इस बढ़ोतरी का असली असर अगले 48 से 72 घंटों में दिखेगा, जब मंडियों में सब्जियों, फलों और दूध की नई खेप बढ़ी हुई ट्रांसपोर्टेशन दरों के साथ पहुंचेगी। जयपुर के मुहाना मंडी के आढ़तियों ने भी संकेत दिए हैं कि बाहरी राज्यों से आने वाले प्याज, आलू और फलों के दाम में 3 से 5 प्रति किलो की तेजी आ सकती है। वहीं दूध, दही और पनीर के दाम पहले ही बढ़ चुके है।


















































