लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पुलिस की कार्यशैली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
श्रीगंगानगर। (मनजीत सिंह) जिले की रायसिंहनगर तहसील के समेजा थाना क्षेत्र के गांव 32 पीएस में एक युवक के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद पुलिस देरी से मौके पर पहुंची और शव को तत्काल अस्पताल भेजने के बजाय पूछताछ में जुटी रही। इस दौरान युवक का शव लंबे समय तक फंदे पर लटका रहा, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
जानकारी के अनुसार, गांव 32 पीएस निवासी बलराम ने मंगलवार को अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर समेजा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने शव को तुरंत नीचे उतरवाने और अस्पताल भेजने की बजाय परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी लेने में समय लगाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस के पहुंचने के बाद भी युवक का शव करीब दो घंटे तक फंदे पर लटका रहा। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में प्राथमिकता व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की होनी चाहिए। उनका तर्क है कि किसी व्यक्ति को चिकित्सक द्वारा परीक्षण के बाद ही मृत घोषित किया जाता है, इसलिए शव को लंबे समय तक फंदे पर छोड़ना संवेदनशीलता के अभाव को दर्शाता है।
घटना के बाद पूरे गांव में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति में जीवन की थोड़ी भी संभावना हो तो हर पल महत्वपूर्ण होता है और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
पुलिस का पक्ष: इस मामले में समाचार लिखे जाने तक समेजा थाना पुलिस की ओर से आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पुलिस का पक्ष मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।














































