लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
ब्यावर – हेमंत साहू की रिपोर्ट
खाद्य एवं रसद विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के पांच प्रतिष्ठानों पर जांच की
ब्यावर। जिला कलेक्टर कमल राम मीना के निर्देश पर गुरुवार को कंज्यूमर केयर अभियान चलाया गया। इस दौरान खाद्य एवं रसद विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के पांच प्रतिष्ठानों पर जांच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इन प्रतिष्ठानों पर कुल 6500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। अभियान का नेतृत्व जिला रसद अधिकारी अब्दुल सादिक ने किया। उनके साथ एलएमओ जितेंद्र सिंह सचदेवा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारायण सिंह भी मौजूद थे। टीम ने जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की, उनमें राधे राधे तिलपट्टी, कन्हैया मिष्ठान भंडार, बंसल मिष्ठान भंडार, पोखर स्वीट्स और सुभाष मावा भंडार शामिल हैं। खाद्य एवं रसद विभाग की संयुक्त टीम ने ब्यावर के पांच प्रतिष्ठानों पर जांच की। राधे राधे तिलपट्टी पर प्रमाण पत्र प्रदर्शित न करने के लिए राजस्थान विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 और पीसीआर 2011 के तहत 3000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कन्हैया मिष्ठान भंडार, बंसल मिष्ठान भंडार और पोखर स्वीट्स पर भी प्रमाण पत्र प्रदर्शित न करने के आरोप में पीसीआर 2011 नियम 22 के तहत प्रत्येक पर 500 रुपए का जुर्माना लगा। सुभाष मावा भंडार पर पैकेज पर आवश्यक जानकारी प्रदर्शित न करने के लिए पीसीआर 2011 के नियम 22 व 30 के तहत 2000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। जांच दल ने बताया कि कुल 6500 रुपए की जुर्माना राशि वसूल की गई है। विभाग ने सभी किराना, फल, सब्जी और अन्य व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने कांटों की सत्यापन जांच अनिवार्य रूप से करवाएं। साथ ही, पैकेजिंग में बेची जाने वाली वस्तुओं पर आवश्यक सूचनाओं का अंकन और पैकेजिंग लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है।
ब्यावर। जिला कलेक्टर कमल राम मीना के निर्देश पर गुरुवार को कंज्यूमर केयर अभियान चलाया गया। इस दौरान खाद्य एवं रसद विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के पांच प्रतिष्ठानों पर जांच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इन प्रतिष्ठानों पर कुल 6500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। अभियान का नेतृत्व जिला रसद अधिकारी अब्दुल सादिक ने किया। उनके साथ एलएमओ जितेंद्र सिंह सचदेवा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारायण सिंह भी मौजूद थे। टीम ने जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की, उनमें राधे राधे तिलपट्टी, कन्हैया मिष्ठान भंडार, बंसल मिष्ठान भंडार, पोखर स्वीट्स और सुभाष मावा भंडार शामिल हैं। खाद्य एवं रसद विभाग की संयुक्त टीम ने ब्यावर के पांच प्रतिष्ठानों पर जांच की। राधे राधे तिलपट्टी पर प्रमाण पत्र प्रदर्शित न करने के लिए राजस्थान विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 और पीसीआर 2011 के तहत 3000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कन्हैया मिष्ठान भंडार, बंसल मिष्ठान भंडार और पोखर स्वीट्स पर भी प्रमाण पत्र प्रदर्शित न करने के आरोप में पीसीआर 2011 नियम 22 के तहत प्रत्येक पर 500 रुपए का जुर्माना लगा। सुभाष मावा भंडार पर पैकेज पर आवश्यक जानकारी प्रदर्शित न करने के लिए पीसीआर 2011 के नियम 22 व 30 के तहत 2000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। जांच दल ने बताया कि कुल 6500 रुपए की जुर्माना राशि वसूल की गई है। विभाग ने सभी किराना, फल, सब्जी और अन्य व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने कांटों की सत्यापन जांच अनिवार्य रूप से करवाएं। साथ ही, पैकेजिंग में बेची जाने वाली वस्तुओं पर आवश्यक सूचनाओं का अंकन और पैकेजिंग लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है।
