लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
खुले पैसों की किल्लत से चरमराया व्यापार,कालाबाजारी चरम पर—प्रशासन मौन
छोटे दुकानदार, ठेले वाले सबसे ज्यादा प्रभावित
ग्राहक 100-500 के नोट लेकर आते, छुट्टा ना मिलने से रोजमर्रा का लेन-देन ठप
पादूकलां। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की भारी कमी ने आमजन की रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बाजार में खुले पैसों के नहीं मिलने से छोटे दुकानदारों, मेडिकलसंचालकों और हाथ ठेले वालों की दुकानदारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।ग्रामीणों ने बताया कि दुकानों पर सामान खरीदने वाले अधिकांश ग्राहक 100 व 500 रुपये के नोट लेकर आते हैं, जबकि छोटे खरीद के लिए आवश्यक छुट्टे उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से कई दुकानों पर लेन-देन रुक जाता है और खरीददारों को वापस लौटना पड़ रहा है।मेडिकल संचालक जमनाराम कारेल ने कहा 10 से 50 रुपये तक के नोट तो जैसे बाजार से गायब हो चुके हैं। मरीज 100 रुपये का नोट देकर 10 रुपये की दवाई मांगता है, लेकिन खुले पैसे नहीं होने से दिक्कत बढ़ रही है। लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। ठेला व्यवसायी राजूराम रेदास ने बताया कि रोज छोटी-मोटी सामग्री बेचना अब मुश्किल हो गया है। “ग्राहक बड़े नोट देते हैं, छुट्टा नहीं मिलते। खुले पैसे ना मिलने से दुकानदारी चौपट हो रही है कभी-कभी सामान बेचने की बजाय इधर-उधर छुट्टा ढूँढने में ही आधा दिन निकल जाता है।कालाबाजारी बढ़ी, कार्रवाई के नाम पर ‘शून्य’ बाजार में छुट्टे पैसों की कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग कालाबाजारी तक करने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 10, 20 और 50 रुपये के पुराने–फटे–अच्छे सभी तरह के नोट ऊंची दरों पर बेचे जा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में रोष है।
बैंक भी दे रहे हाथ—लिखित देने से मना खुले पैसों की किल्लत के बीच बैंक से भी राहत नहीं मिल रही। उपभोक्ताओं ने बताया कि बैंक में छुट्टा मांगने पर जवाब मिलता है—“10–20–50 रुपये उपलब्ध नहीं हैं। जब उपभोक्ताओं ने बैंक प्रबंधक से इस बारे में लिखित बयान देने को कहा, तो उन्होंने लिखित देने से मना कर दिया। बैंक प्रबंधक का सिर्फ इतना कहना था कि “एक-दो दिन में व्यवस्था हो जाएगी। आमजन की परेशानी चरम पर, मांग—छुट्टे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार में 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की तत्काल सप्लाई बढ़ाई जाए और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।