लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
‘परिवर्तनकारी मंगलवार’ अभियान के तहत पीएम श्री बालिका विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, बाल सुरक्षा से लेकर साइबर अपराध तक दी जानकारी
रियांबड़ी, नागौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तारा अग्रवाल के निर्देशन में चल रहे ‘परिवर्तनकारी मंगलवार’ अभियान के तहत पीएम श्री बालिका विद्यालय, रियांबड़ी में छात्राओं के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को बाल सुरक्षा, विधिक अधिकार, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मालवीय ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने अनजान व्यक्ति से सावधान रहने और किसी भी असहज परिस्थिति में ‘NO-GO-TELL’ मंत्र अपनाने की सीख दी।
‘NO-GO-TELL’ से समझाया सुरक्षा का तरीका
न्यायिक अधिकारी ने छात्राओं को बताया कि किसी अनजान व्यक्ति के व्यवहार से असहज महसूस होने पर ‘NO’ यानी मना करें, ‘GO’ यानी वहां से दूर चले जाएं और ‘TELL’ यानी किसी भरोसेमंद व्यक्ति को पूरी जानकारी बताएं।
उन्होंने छात्राओं को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति को छिपाने के बजाय माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से साझा करना चाहिए।
साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह
कार्यक्रम में छात्राओं को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। उन्हें संदिग्ध लिंक और अनजान संदेशों से दूर रहने तथा मोबाइल या इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
बाल विवाह और नशे से दूर रहने का संदेश
छात्राओं को बाल विवाह की रोकथाम और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी रखने और किसी भी परेशानी की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
हेल्पलाइन 15100 की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न विधिक योजनाओं और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही जरूरत पड़ने पर मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अभियान के दौरान विद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा छात्राओं को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कानून की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अपनी सुरक्षा, अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा।




















































