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अजमेर का अली अकबर निकला सरहद पार से धमाकों की साजिश का मास्टरमाइंड

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

अजमेर से नितिन मेहरा की रिपोर्ट

महा-साजिश का पर्दाफाश: सरहद पार से ‘ड्रोन’ वाली मौत का प्लान, अजमेर का ‘बाबू’ निकला मास्टरमाइंड

अजमेर। हरियाणा के अंबाला में एसटीएफ द्वारा करीब 2 किलो घातक आरडीएक्स के साथ पकड़े गए तीन संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं और भारत में सक्रिय उनके नेटवर्क ने मिलकर राजस्थान से हरियाणा तक बड़े आतंकी हमले की योजना बनाई थी। समय रहते कार्रवाई होने से यह खौफनाक साजिश नाकाम हो गई।

घर से घूमने गया ऑटो चालक बाबू निकला आतंकवादी

भाई से घूमने के नाम पर 500 रुपये लेकर निकला  अली अकबर उर्फ बाबू खां  2 किलो आरडीएक्स के साथ पकड़ा गया। मां – पिता का रो रो कर बुरा हाल परिवार के अन्य लोगों का कहना है कि हमें पता नहीं वो कब से आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है। ऐसी खबर मिलने से पहले वो मर जाता तो ज्यादा अच्छा होता सरकार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। जिन लोगों ने उसे आतंकवाद में धकेला उन्हें कड़ी सजा मिले , जिससे युवा उस रास्ते पर नहीं जाए। परिवार बाबू के पकड़े जाने पर हतप्रभ है।

हनुमानगढ़ बनने वाला था ‘ग्राउंड जीरो’

खुफिया सूत्रों के मुताबिक आतंकियों का पहला निशाना हरियाणा नहीं बल्कि राजस्थान का हनुमानगढ़ था। जांच में सामने आया कि विस्फोट के लिए आईईडी पहले ही एक ‘सेफ हाउस’ तक पहुंचा दिया गया था और इसे भीड़भाड़ वाले इलाके में लगाने की योजना थी।

लेकिन पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी जाने वाली आरडीएक्स की मुख्य खेप समय पर नहीं पहुंच सकी। बताया जा रहा है कि ड्रोन अपनी लोकेशन से भटक गया था। सप्लाई फेल होने के कारण आतंकी घबरा गए और चार दिन इंतजार के बाद हनुमानगढ़ से आईईडी वापस मंगा लिया गया। इस तकनीकी चूक ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।

अजमेर का ‘बाबू’ निकला साजिश का अहम कड़ी

इस पूरे नेटवर्क की कड़ी राजस्थान के अजमेर जिले के लौंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर उर्फ ‘बाबू’ से जुड़ी सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक बाबू पाकिस्तान में बैठे कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था और उसी के निर्देशों पर काम कर रहा था।

पूछताछ में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

  • डिजिटल रेकी: अली अकबर ने अपनी पैशन प्रो मोटरसाइकिल से राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के कई संवेदनशील सैन्य ठिकानों और धार्मिक स्थलों की रेकी की।

  • वीडियो पाकिस्तान भेजे: उसने इन स्थानों के हाई-डेफिनिशन वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे, जिनका इस्तेमाल संभावित टारगेट तय करने के लिए किया जाना था।

  • टिफिन बम की तैयारी: हनुमानगढ़ का प्लान फेल होने के बाद आतंकियों ने अंबाला के सैन्य ठिकानों और माता बाला सुंदरी मंदिर को निशाना बनाने की योजना बनाई। गिरफ्तारी के समय उनके पास टिफिन में फिट किया गया करीब 2 किलो आरडीएक्स बरामद हुआ।

200 मीटर तक तबाही, 250 जानें खतरे में

बम निरोधक दस्ते के अनुसार बरामद 2 किलो आरडीएक्स इतना शक्तिशाली था कि विस्फोट होने पर लगभग 200 मीटर के दायरे में भारी तबाही मच सकती थी। भीड़भाड़ वाले इलाके में यह धमाका कम से कम 250 लोगों की जान ले सकता था। आतंकियों का मकसद केवल विस्फोट करना नहीं बल्कि देश में दहशत और सांप्रदायिक तनाव फैलाना था।

NIA की एंट्री, राजस्थान में सुरक्षा बढ़ी

मामले की गंभीरता और विदेशी कनेक्शन को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस केस को अपने हाथ में ले सकती है। मुख्य आरोपी का संबंध अजमेर से और साजिश का लिंक हनुमानगढ़ से जुड़ा होने के कारण राजस्थान एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने राज्य के प्रमुख बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी है।

फिलहाल जांच जारी

गिरफ्तार तीनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसियां अब उन लोगों की तलाश कर रही हैं जिन्होंने अली अकबर को लॉजिस्टिक सपोर्ट और ठिकाना मुहैया कराया। अजमेर और हनुमानगढ़ में कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

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