लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विकसित भारत चित्रकला प्रतियोगिता:
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) “कला जब राष्ट्रभक्ति से जुड़ती है, तब वह केवल रंगों का मेल नहीं रहती, बल्कि वह एक विचार बन जाती है — विकसित भारत का विचार।” इसी सोच को साकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान द्वारा शनिवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में “विकसित भारत चित्रकला प्रतियोगिता” का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कलाकारों के साथ कैनवास पर केसरिया रंग में कमल का फूल उकेरा, जिससे कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि यह प्रतियोगिता युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा देने और उन्हें भारत के विकास के विजन से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत युवाओं, विद्यार्थियों और कलाकारों में राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करना ही इसका उद्देश्य है।
राठौड़ ने कहा — “यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि हम ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाएं तो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।”
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राओं और ललित कला के उदीयमान चित्रकारों ने “विकसित भारत”, “खुशहाल भारत”, “आत्मनिर्भर भारत”, “डिजिटल युग का भारत” और “मोदी युग की प्रगति” जैसे विषयों पर अपने विचार कैनवास पर उकेरे। चित्रों में आधुनिक भारत के तेज़ी से बदलते स्वरूप, सांस्कृतिक गौरव और नवाचार की झलक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम में अनीता कटारा, भूपेंद्र सैनी, मुकेश पारीक, भवानी शंकर शर्मा, रजनीश चनाना, प्रमोद वशिष्ठ, अमित गोयल, प्रेम सिंह बनवास, निमिषा गौड, सारिका चौधरी, डॉ. चन्द्रदीप हाड़ा सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में संदीप सुमहेन्द्र, राजेंद्र प्रसाद, संजय जांगिड़, ललित शर्मा, राजेश शर्मा और अतिथि कलाकारों में संत कुमार विश्नोई, लाल चंद कलवानियाँ, कुबेर सिंह नरुका, आकाश जांगिड़ शामिल रहे।
पुरस्कार वितरण में गोविंद माहेश्वरी को प्रथम पुरस्कार 21,000 रुपए, प्रतिष्ठा यादव को द्वितीय पुरस्कार 11,000 रुपए तथा जितेंद्र माहवर को तृतीय पुरस्कार 5,000 रुपए प्रदान किया गया। इसके साथ ही दो बाल कलाकारों को 2,100—2,100 रुपए बतौर प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम के समापन पर श्रेष्ठ कलाकारों को स्मृति-चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।