लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री बोले- डिजिटल शासन बना प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित
डीबीटी से योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचा, राजस्थान संपर्क बना प्रभावी जन-अभियोग निवारण मंच
जयपुर |
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और जनकल्याण का सशक्त साधन बननी चाहिए। डिजिटल शासन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी नागरिक विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है। जन-धन, आधार और मोबाइल (JAM) के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और डिजिटल इंडिया जैसी पहल ने तकनीक को आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया है।
मुख्यमंत्री बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी), जयपुर में आयोजित दो दिवसीय 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
ई-गवर्नेंस से शासन हुआ अधिक प्रभावी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप ई-गवर्नेंस को आसान, प्रभावी और किफायती बनाया जा रहा है। आज यूपीआई डिजिटल भुगतान का सबसे सरल माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा शासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राजस्थान संपर्क पर हर माह 3 लाख तक शिकायतों का निस्तारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में तकनीक को जनकल्याण का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है। राजस्थान संपर्क आज जन-अभियोग निवारण का प्रभावी मंच बन चुका है, जहां हर महीने ढाई से तीन लाख शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी राजस्थान संपर्क के माध्यम से शिकायतों की समीक्षा और निस्तारण करते हैं।
एआई और स्टार्टअप को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026 लागू की है, जिसके माध्यम से प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही एवीजीसी एंड एक्सआर पॉलिसी लागू कर एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले दो वर्षों में स्टार्टअप्स की संख्या 4 हजार से बढ़कर 8,500 से अधिक हो गई है। इसी अवधि में स्टार्टअप निवेश 250 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,000 करोड़ रुपये और रोजगार सृजन 22 हजार से बढ़कर 47 हजार से अधिक हो गया है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1,686 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार किया गया है, जिससे हजारों सरकारी भवन जुड़े हैं। वहीं 3,200 से अधिक ग्राम पंचायतों में 12,500 से अधिक हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन स्थापित किए गए हैं। प्रदेश में 79 हजार से अधिक ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से 900 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भर्ती से लेकर सुरक्षा तक तकनीक का उपयोग
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एआई आधारित फोटो सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। साइबर अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक साइबर लैब और साइबर रेंज प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। साथ ही सार्वजनिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों में 25 हजार से अधिक निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।
कई नई डिजिटल पहल का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के दौरान राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज तथा ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। इसके अलावा डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने सम्मेलन में लगी तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न ई-गवर्नेंस नवाचारों की जानकारी भी ली।
मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने भी रखे विचार
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस और एआई आधारित शासन व्यवस्था से नागरिकों को तेज, बेहतर और अधिक सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सरकार आमजन तक त्वरित और पारदर्शी सेवाएं पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी एस. कृष्णन, सचिव प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत निवेदिता शुक्ला वर्मा, शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग रवि कुमार सुरपुर सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप उद्यमी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।


















































