रिफाइनरी अग्निकांड ; हाईटेक सिस्टम के ‘हाईजैक’ होने का खौफ

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

– NIA और ATS की टीमें अब डिजिटल लॉग्स, कमांड डेटा और सीसीटीवी फुटेज की कर रही बारीकी से पड़ताल, पीएम के दौरे से 20 घंटे पहले लगी थी आग

मनोहर सिंह खोखर वरिष्ठ संवाददाता

लोक टुडे। जयपुर । पचपदरा (बालोतरा) स्थित HPCL राजस्थान रिफाइनरी में 20 अप्रैल 2026 को हुई भीषण आग की घटना के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इसे महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साइबर हमला मानकर जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि घटना के वक्त रिफाइनरी की ऑटोमेटिक कंट्रोल यूनिट्स को बाहर से हाईजैक किया गया था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि दुनिया की सबसे आधुनिक रिफाइनरी होने के बावजूद आग लगने के दौरान अर्ली वार्निंग अलार्म और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से खामोश क्यों रहे। NIA और ATS की टीमें अब डिजिटल लॉग्स, कमांड डेटा और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या किसी बाहरी IP एड्रेस ने रिफाइनरी के कंट्रोल रूम सिस्टम में सेंध लगाई थी।

लोकार्पण से पहले हादसा या साजिश:
यह भीषण आग 20 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे Crude Distillation Unit (CDU) में लगी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह हादसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रिफाइनरी के प्रस्तावित लोकार्पण से मात्र 20 घंटे पहले हुआ, जिसके कारण उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।

आर्थिक आतंकवाद का एंगल :
सुरक्षा एजेंसियां इसे ‘इकोनॉमिक टेररिज्म’ (आर्थिक आतंकवाद) से भी जोड़कर देख रही हैं, क्योंकि यह रिफाइनरी भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है और पाकिस्तान सीमा से मात्र 200 किमी दूर स्थित है।

ये है वर्तमान स्थिति :
हालांकि HPCL के शुरुआती आकलन में हाइड्रोकार्बन लीक को कारण बताया गया था, लेकिन NIA की सक्रियता ने साजिश की संभावना को प्रबल कर दिया है। फिलहाल, दुर्घटनास्थल और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए बने डोम (Domes) को फॉरेंसिक जांच के लिए सील कर दिया गया है।

अब बढ़ेगा सुरक्षा घेरा :
हादसे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और बालोतरा पुलिस पूरी तरह एक्टिव मोड में है। सूत्रों के मुताबिक रिफाइनरी के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाली दुकानों और कमर्शियल संस्थानों को सुरक्षा कारणों से हटाया जा सकता है। दावा है कि यहां दिनभर भीड़ रहती है, जो सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा है।

बिना अनुमति प्रवेश पर रोक :
इलाके में रहने वाले सभी किराएदारों और मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति का रिफाइनरी परिसर में प्रवेश पूरी रोक दिया गया है।

प्रधानमंत्री का दौरा स्थगित हुआ था :
बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में 20 अप्रैल की दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई थी। आग रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ करने वाली दो यूनिट में लगी थी। यूनिट से धुआं उठने पर कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिस्टम चालू किया था। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने 2 से 3 घंटे में आग पर काबू पाया था। इस दौरान यूनिट से लपटें उठती रहीं। करीब 79 हजार 459 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस रिफाइनरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को उद्घाटन करने वाले थे। इस घटना के बाद उनका दौरा स्थगित हो गया था।

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