अर्चना शर्मा , सुमन शर्मा, पुनीत कर्णावट, पंकज जोशी, सुशील शर्मा, राघव शर्मा में से किस- किस के बीच होगा मुकाबलाॉ
जयपुर। जयपुर की सबसे हॅाट सीट मालवीय नगर पर भाजपा के कालीचरण सराफ अब तक 8 बार चुनाव जीत चुके है। सराफ को वर्ष 1998 में जौहरी बाजार सीट से एक बार तकिउद्दीन अहमद ने ही चुनाव हराया था। इसके अलावा अभी तक कालीचरण सराफ को कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार चुनाव हरा नहीं सका। कांग्रेस ने हर विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार बरते। मालवीय नगर सीट पर कालीचरण सराफ के सामने शाह, राजकुमार काला,राजीव अरोड़ा, और अर्चना शर्मा चुनाव लड़ चुके है। लेकिन इनमें सबसे तगड़ी टक्कर कालीचरण सराफ को सिर्फ कांग्रेस की अर्चना शर्मा ने ही करारी टक्कर दी। पिछले पांच साल से अर्चना शर्मा लगातार मेहनत कर रही है।पूरे इलाके में अपनी अलग पहचान बनाई है। अर्चना शर्मा के अलावा कांग्रेस में सुशील शर्मा,राजीव अरोड़ा, टिकट की लड़ाई मेें है।
सुमन शर्मा और पुनीत कर्णावट तगड़े दावेदार
भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, महिला आयोग की अध्यक्ष और नगर निगम में चेयरमैन रह चुकी सुमन शर्मा को कालीचरण सराफ की उत्तराधिकारी माना जाता है। इससे पूर्व लोग राघव शर्मा को मालवीय नगर से दावेदार मानते थे. लेकिन पिछले लंबे समय से कालीचरण सराफ के साथ शर्मा ने गली- गली संघर्ष किया है। इसलिए सुमन शर्मा को इस बार मालवीय नगर से सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। सुमन शर्मा के समर्थन में इस बार सुमन भी खुलकर टिकट मांग रही है। उनके समर्थक खुलकर टिकट मांग रहे है। लेकिन इस बार सुमन शर्मा की राह में शहर के उपमहापौर पुनीत कर्णावट बड़ा रोड़ा हो सकते है। मालवीय नगर इलाका जैन बाहुल्य है। पुनीत कर्णावट छात्र जीवन से ही संघर्षरत रहे हैं। फिलहाल उपमहापौर है तो अपना दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं. यदि पार्टी कहीं भी टिकट बदलती है तो पुनीत कर्णावट मालवीय नगर सीट पर प्रबल दावेदार है। हालांकि पुनीत कर्णावट का कहना वे पार्टी के कार्यकर्ता है पार्टी जो भी निर्देश देगी वो करेंगे। जैन समाज के लोगों का कहना है कि इलाके में 40 से 50 हजार जैन मतदाता है। यदि पार्टी कालीचरण सराफ का टिकट बदलकर किसी जैन समाज के व्यक्ति को टिकट देती है तो इसका लाभ मिलेगा। इसी तरह से राघव शर्मा भी लगातार टिकट की दौड़ में है वे पिछले 20 साल से लगातार टिकट मांग रहे हैं। शहर भाजपा के अध्यक्ष को दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्षद और चेयरमैन रह चुके हैं। कालीचरण सराफ के सबसे नजदीकी रह चुके है। इलाके में पकड़ भी है। ऐसे में यदि पार्टी कालीचरण सराफ का टिकट उम्र की वजह से काटती है तो फिर राघव शर्मा भी दावेदार हो सकते है।
कांग्रेस – भाजपा में ही होगा घमासान
माना जा रहा है कि मालवीय नगर में मुख्य मुकाबला कांग्रेस भाजपा के बीच ही होना है। भाजपा यदि कालीचरण सराफ को टिकट देती है तो कांग्रेस की ओर से अर्चना शर्मा को टिकट मिलना तय है। कालीचरण सराफ और अर्चना शर्मा के बीच घमासान होगा। लेकिन कालीचरण सराफ का टिकट किसी कारण कटता है तो फिर मुकाबला सुमन शर्मा वर्सेज अर्चना शर्मा होगा। यह मुकाबला भी रोचक होगा। अर्चना शर्मा और पुनीत कर्णावट के बीच मुकाबला और भी रोचक हो सकता है। क्योंकि दोनों ही राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से आएं हैं। स्थानीय है। लेकिन इसमें अर्चना शर्मा काफी भारी पड़ रही है। भाजपा में भी सुमन शर्मा और पुनीत कर्णावट का नाम ही आगे है।
