वाह रे विधाता,यह कैसा तेरा न्याय,कैसा है यह तेरा विधान……
एक क्षण पहले भजन गायक ने कहा “आयो हरि आयो बाबू जी कहार क्या बात अमर हो ज्यावे” अगले ही क्षण वो नाचते झूमते जमीन पर गिरा,और हो गया अमर…….
अजमेर , पीसांगन । (ओम ओम प्रकाश रिपोर्टर ) कहते हैं कभी-कभी देखते ही देखते कुछ ऐसा हो जाता है, की जिसकी आप और हम कभी परिकल्पना तक नही कर सकते। और ऊपर बैठा विधाता वह सब क्षण भर में कर देता है। कुछ ऐसा ही वाक्या पीसांगन में बुधवार गुरुवार की मध्य रात्रि को देवशयनी एकादशी पर खाकी जी महाराज के मंदिर परिसर में रात्रि 11 बजकर 20 मिनट पर भजन संध्या में हुआ। अब पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा हैं। जानकारी के मुताबिक पीसांगन में खाकी जी महाराज के मंदिर परिसर में देवशयनी एकादशी के अवसर पर 17-18 जुलाई की मध्य रात्रि को बुधवाड़ा निवासी हाथीराम जाट एवं तुलसीराम लारा एंड पार्टी के नेतृत्व में भजन संध्या का आयोजन हो रहा था। भजन संध्या में पीसांगन के शिव कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय धर्म प्रेमी बाबूलाल कहार भी भैरूजी महाराज के भजन पर नाचने झूमने लगा। बाबूलाल कहार के नाचने झूमने के दौरान ही भजन गायक हाथीराम जाट ने कहा कि “आयो हरि आयो बाबू जी कहार क्या बात अमर हो ज्यावे” इसके अगले ही क्षण भजन संध्या में भैरूजी महाराज के भजन पर नाचता झूमता बाबूलाल कहार अचानक से लड़खड़ाता हुआ भजन संध्या में गायकों के संग बैठे पीसांगन के दरड़ा बास निवासी रमू छिपा के ऊपर गिर गया और कुछ क्षण बाद जब बाबूलाल कहार की उसके साथ नाचते झूमते साथियों ने सुध ली तो बाबूलाल कहार सदा सदा के लिए अमर हो चुका था। इस दौरान बाबूलाल कहार को तुरंत ही उपचार के लिए पीसांगन स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां पर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने बाबूलाल कहार को ह्रदयाघात के कारण मृत घोषित कर दिया। इस पर गमगीन माहौल में बाबूलाल कहार के शव को परिजन अस्पताल से घर के लिए लेकर रवाना हुए। गुरुवार को पीसांगन स्थित मुक्तिधाम में बाबूलाल कहार का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अचानक घटे घटनाक्रम के बाद भजन संध्या को भी विराम दे दिया गया। अपनी आंखों के सामने यह नजारा देखकर भजन संध्या में मौजूद धर्म प्रेमियों के मुंह से एक ही बात निकली “वाह रे विधाता,कैसा हैं तेरा विधान,कैसा हैं यह तेरा न्याय।
