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कोर्ट के डर से पुलिस ने एसआईटी गठित कर, दिए जांच के आदेश

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श्याम लाल बैरवा की हत्या या आत्महत्या होगा खुलासा?

मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मंत्री के दबाव में काम करने का आरोप

मृतक के परिजनों लगाया पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप

जयपुर। तहसील सपोटरा जिला करौली थाना सपोटरा में श्यामलाल बैरवा की हत्या को लेकर पुलिस ने मामला अटकाने का ही काम किया। परिजनों की शिकायत के बावजूद का मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया और ना ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बल्कि पुलिस दबंग लोगों से मिलकर इस मामले को आत्महत्या बनाने में लगी रही। ऐसे में मृतक की पत्नी अंगूरी देवी के द्वारा दर्ज FIR 280 /2022 थाना सपोटरा में दर्ज करवाई करवाई थी, लेकिन किन्तु अभियुक्त की ऊंची पहुँच व स्थानीय मंत्री के दबाव में एक ओर पुलिस कोई कार्यवाही नही कर रही थी । स्थानीय पुलिस में आरोपियों के दबाव में आकर मृतक श्यामलाल के परिजनों को मामला रफा-दफा करने और मामला वापस लेने के लिए लगाए जाने लगा कई बार बंद करने गिरफ्तार करने की धमकी दी गई उल्टा चश्मा बंद करने की बात कही गई की तमाम बातों की रिकॉर्डिंग उनके परिजनों के फोन में रिकॉर्ड है सुरक्षित है।

इसकी रिकॉर्डिंग व वीडियो आदि को आधार मानकर अंगुरी देवी की ओर से बाबूलाल बैरवा एडवोकेट ने याचिका पेश की। एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताकर मंत्री के दबाव में अभियुक्त को बचाने में जुटी हुई है। जबकि घटना स्थल पर न तो कोई पेड़ है ,न कोई फांसी का फंदा लगाने की कोई जगह ।, जबकि परिवादिया व उसके परिवार वालो को धमकाने , व मुकदमा वापिस लेने के सबूत है। विभिन्न मोबाइल नम्बरों की रिकॉर्डिंग , वीडियो रिकॉर्डिंग है ,घटना को भेड़ बकरी चराने वालो ने देखी है। लेकिन अभियुक्त के आंतक व पुलिस की तानाशाही के डर से कोई बयान देने को तैयार नही है। मंत्री का सहारा व पुलिस की साजिश की बात सामने आने पर गत पेशी 10 अक्टूबर को उच्च न्यायलय पीठ जयपुर जस्टिस बिरेन्द्र कुमार ने को अनुसन्धान अधिकारी को पत्रावली के साथ कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए है। सुनवाई पर बाबूलाल बैरवा एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कि अनुसन्धान अधिकारी ही नहीं पूरे जिले की पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है ।ऐसे में अनुसन्धान अधिकारी ने कोर्ट के डर से SIT गठित करने की कही, इस पर कोर्ट ने एक कदम आगे बढ़ते हुए आदेश दिए कि आज ही SIT गठित हो ओर आज से ही जांच हो ,व परिवादिया की ओर से अधिवक्ता बाबूलाल बैरवा एडवोकेट ने जो दस्तावेजत पेश किए है, उनके साथ बताये फोन नम्बरों की कोल डिटेल , लोकेशन , व रिकॉर्डिंग की जांच कर कोर्ट में पेश करे। कोर्ट के आदश के बाद मृतक की पत्नी और उनके परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है लगता है अब हत्या के आरोपियों को सजा मिल सकेगी।

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