लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर कार्यक्रम को सुना और इसे आमजन में नई ऊर्जा का संचार करने वाला बताया।
वोकल फॉर लोकल से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को दोहराते हुए कहा कि आने वाले त्योहारी सीजन में देशवासी उपहार, पहनावे, सजावट और रोशनी में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया का ध्यान आज भारत की ओर है और भारतीय संस्कृति का प्रभाव विश्वभर में लगातार बढ़ रहा है।
किसानों के जीवन में बदलाव ला रही सौर ऊर्जा
प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा को किसानों की आय वृद्धि का बड़ा साधन बताया। बिहार की ‘सोलर दीदी’ देवकी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सौर पंप की स्थापना से अब वह 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में सिंचाई कर रही हैं, जबकि पहले कुछ ही एकड़ में खेती संभव थी। उन्होंने कहा कि “सौर ऊर्जा सिर्फ बिजली का साधन नहीं, बल्कि गांव-गांव में नई रोशनी लाने वाली शक्ति है।”
राजस्थान में खेलों और ऊर्जा क्षेत्र में नई पहल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश राज्य सरकार को नई दिशा देता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान पहली बार ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ की मेजबानी करने जा रहा है, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
युवाओं में खेलों की बढ़ती लोकप्रियता
प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में युवाओं की खेलों के प्रति बढ़ती रुचि का जिक्र करते हुए बताया कि पुलवामा स्टेडियम में पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच और डल झील पर ‘खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल’ आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा – “जो खेलता है, वही खिलता है। खेल देश की एकता और विकास की दिशा में बड़ी भूमिका निभाते हैं।”
प्रेरणादायी पहलें और प्रतिभा सेतु पोर्टल
प्रधानमंत्री ने सूरत के सिक्योरिटी गार्ड जितेन्द्र सिंह राठौड़ की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक 2,500 से अधिक शहीद जवानों के माता-पिता के चरणों की मिट्टी एकत्र की है। यह हर देशभक्त के लिए प्रेरणादायी है।
इसके साथ ही उन्होंने ‘प्रतिभा सेतु पोर्टल’ की जानकारी साझा की, जिसके जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य लेकिन चयनित न हो पाए अभ्यर्थियों का डाटा निजी कंपनियों तक पहुंचाया जा रहा है। इस पहल से सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिला है।