लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि कर्मचारी चयन बोर्ड से जुड़े पेपर लीक और ओएमआर शीट प्रकरण में पकड़े गए लोगों ने वर्ष 2019 में, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान फर्जीवाड़ा किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस गंभीर मामले को साढ़े चार साल तक दबाए रखा।
रविवार को सांगानेर स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों को लेकर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस तरह के अपराधों में शामिल पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के अनुसार सख्त सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने एसओजी को कार्रवाई के निर्देश किसी विशेष सरकार, किसी समय-काल या किसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत नहीं दिए हैं, बल्कि भर्तियों में जहां भी गड़बड़ी की आशंका है, वहां निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि एसओजी बिना किसी भेदभाव के उन सभी मामलों में कार्रवाई कर रही है, जहां ठोस साक्ष्य सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक प्रकरण में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जानकारी भी दी थी, इसके बावजूद तत्कालीन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को वर्षों तक दबाए रखा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।















































