लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए पावन रज कलश रथयात्राओं को किया रवाना
जयपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित समरसता संकल्प अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ बुधवार को जयपुर में हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, समरसता संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक एवं एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और दिया कुमारी सहित संत-महात्माओं एवं भाजपा पदाधिकारियों ने गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पावन रज कलश रथयात्राओं को राजस्थान की सभी 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
अभियान के तहत ये रथ प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा, विधानसभा, मंडल और गांव-ढाणी तक पहुंचकर संत रविदास के समरसता, समानता और सामाजिक एकता के संदेश का प्रसार करेंगे।
“गुरु रविदास ने समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया” : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव राष्ट्र और समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास ने समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पावन रज के कलश प्रदेश के 1138 मंडलों और गांवों तक पहुंचेंगे, जहां उनके जीवन और विचारों से समाज को प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति जाति-पाति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण की भावना है। संत रविदास की ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित आदर्श समाज का संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से संत रविदास के आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
पांच चरणों में चलेगा अभियान
समरसता संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लाल सिंह आर्य ने बताया कि यह अभियान 29 जुलाई से 20 फरवरी तक पांच चरणों में संचालित होगा। इसके तहत संत रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पावन रज के कलश प्रदेश के प्रत्येक जिले, लोकसभा, विधानसभा, मंडल और गांव-ढाणी तक पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान समरसता संकल्प यात्राएं, संत सम्मान समारोह, छात्र संवाद तथा सामाजिक जागरण के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संत रविदास का संदेश आज भी प्रासंगिक
लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास ने कर्मप्रधान समाज, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने संत रविदास के प्रसिद्ध वचनों “जाति-पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई” और “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि ये संदेश आज भी सामाजिक समरसता, सदाचार और सेवा भावना की प्रेरणा देते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया समाज के लिए प्रेरणास्रोत
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि संत रविदास ने सदियों पहले समाज को समरसता, समानता और कर्मप्रधान जीवन का संदेश दिया था। उन्होंने संत रविदास की वाणी “प्रभु जी चंदन हम पानी, प्रभु जी तुम दीपक हम बाती” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विनम्रता, भक्ति और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संत परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का व्यापक कार्य किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्रियों ने भी किया आह्वान
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही सुशासन का उद्देश्य है और संत रविदास का संदेश सामाजिक समरसता की आधारशिला है।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
अभियान के प्रदेश संयोजक भूपेंद्र सैनी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रथ एक दिन प्रवास करेगा और स्थानीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, कैलाश मेघवाल, डॉ. मिथिलेश गौतम, विधायक अनिता भदेल, प्रदेश मंत्री सीताराम पोसवाल, एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष निहालचंद मेघवाल सहित मंत्रीमंडल के सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, लोकसभा स्तर के प्रभारी, जिलाध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
















































