लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
‘मंच जयपुर’ कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने गिनाईं डिजिटल सुधारों और पारदर्शिता की पहल
जयपुर | एसएन राजस्थान न्यूज़
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने वाला भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र का जीवंत केंद्र और जनता से सीधे जुड़ा संस्थान है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद उनका मुख्य उद्देश्य सदन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनसरोकारों से जुड़ा बनाना रहा है।
देवनानी इंडिया न्यूज़ के ‘मंच जयपुर’ कार्यक्रम में अपने विचार साझा कर रहे थे, जहां उन्होंने विधानसभा की कार्यप्रणाली में किए गए सुधारों और डिजिटल नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।
युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने की पहल
उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए यूथ पार्लियामेंट जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, ताकि नई पीढ़ी सदन की कार्यप्रणाली को समझ सके और भविष्य में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हो।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पहली बार नवनिर्वाचित विधायकों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू किया गया, जिससे उन्हें विधानसभा के नियमों और संसदीय परंपराओं की जानकारी मिल सके।
प्रश्नों के समयबद्ध उत्तर पर जोर
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदन में लंबित प्रश्नों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया है। पहले लगभग 5,000 प्रश्न लंबित थे, जिन्हें व्यवस्थित कर समय पर उत्तर देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य यह रखा गया है कि एक सत्र के सभी प्रश्नों के उत्तर अगले सत्र से पहले उपलब्ध हों। पिछले सत्र में 97 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर समय पर दिए गए, जबकि वर्तमान सत्र के लगभग 65 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने की पहल
देवनानी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और महत्वपूर्ण विषयों पर संबंधित विभागों की सदन में उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि विधायकों को प्रभावी उत्तर मिल सके।
गतिरोध नहीं, संवाद पर जोर
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन समाधान हमेशा संवाद से ही निकलता है। जब भी सदन में गतिरोध की स्थिति बनती है, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को बातचीत के माध्यम से समाधान के लिए बुलाया जाता है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही को अधिकतम 30 से 32 दिनों तक संचालित करने का प्रयास किया जाता है, ताकि जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा हो सके।
पेपरलेस विधानसभा और डिजिटल नवाचार
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस बनाया गया है। समिति बैठकों में डिजिटल सिग्नेचर प्रणाली लागू की गई है, जिससे कार्य अधिक पारदर्शी और तेज हुआ है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर किया जा रहा है, जिससे आम नागरिक भी सदन की कार्यवाही देख सकते हैं। साथ ही विधानसभा संग्रहालय को देखने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन करने की योजना है।
अब तक करीब 45 हजार लोग विधानसभा संग्रहालय का अवलोकन कर चुके हैं। परिसर में संविधान गैलरी और आकर्षक वाटिकाओं का विकास भी किया गया है।
75 वर्ष का गौरवपूर्ण सफर
देवनानी ने बताया कि राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वर्षभर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाने के लिए विशेष प्रकाशन और आयोजन होंगे।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों की भागीदारी भी होगी, जिसमें उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य लोकतांत्रिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और विधानसभा की गौरवशाली यात्रा को सहेजना है।
















































