लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जलकुंभी हटाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन, जल संरक्षण और जलीय जीवों पर खतरे की जताई चिंता
राजसमंद (गौतम शर्मा)। ग्राम पंचायत एमडी क्षेत्र स्थित तालेड़ी नदी के एनीकट में तेजी से फैल रही जलकुंभी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गई है। जलकुंभी के बढ़ते प्रकोप से जल संरक्षण, पर्यावरण और जलीय जीवों पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर तत्काल सफाई कराने की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मांगीलाल कुमावत द्वारा भेजे गए ज्ञापन में बताया गया है कि एनीकट का बड़ा हिस्सा जलकुंभी से ढक चुका है। इससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है और जल स्रोत की उपयोगिता प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलकुंभी के कारण पानी की सतह पूरी तरह ढकने से पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है, जिससे मछलियों सहित अन्य जलीय जीवों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा पानी पीने आने वाले मवेशियों के जलकुंभी में फंसने का भी खतरा बना हुआ है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि समय रहते जलकुंभी को नहीं हटाया गया तो यह बहकर अन्य जलाशयों तक फैल सकती है, जिससे जल स्रोतों की गुणवत्ता, पर्यावरण और जल संरक्षण प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार के “वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान” का हवाला देते हुए कहा कि अभियान की सफलता के लिए जलाशयों को जलकुंभी मुक्त रखना आवश्यक है।
मांगीलाल कुमावत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिला प्रशासन को आवश्यक बजट उपलब्ध कराकर तालेड़ी नदी के एनीकट से जल्द से जल्द जलकुंभी हटाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि जल स्रोत सुरक्षित रह सकें और आमजन, पशुधन तथा जलीय जीवों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
