लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
परिसीमन में षडयंत्र कांग्रेस के समय होता था, भाजपा सरकार में नहीं, गहलोत ने तुष्टिकरण की नीति पर शहरों के कर दिए थे विभाजन:
जयपुर,।(रूपनारायण सांवरिया ) भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा निकाय चुनाव परिणामों को लेकर की गई प्रेसवार्ता पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत ने भाजपा के जनादेश को स्वीकार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुनावी तैयारियों और संगठन पर ही सवाल खड़े कर दिए। गहलोत की प्रेसवार्ता से एक बार फिर गहलोत, डोटासरा और जूली की आपसी नाराजगी उजागर हो गई। गहलोत ने स्वयं माना कि भाजपा से नाराजगी के बावजूद कांग्रेस मतदाताओं को अपने पक्ष में नहीं ला सकी और वह मतदाता निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर चला गया। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी चुनावी मैदान में कहीं नजर नहीं आई।
राठौड़ ने कहा कि गहलोत की प्रेसवार्ता में निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा उन्हें दूर रखे जाने का दर्द भी साफ झलका और कांग्रेस की आपसी फूट एक बार फिर जनता के सामने उजागर हो गई। उन्होंने कहा कि गहलोत अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देखकर बौखला गए हैं। जनता के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय वे भाजपा पर अनर्गल और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्हें आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर आत्ममंथन करना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि निकाय चुनाव में प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास जताया है। भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की मजबूती और सरकार के विकास कार्यों का परिणाम चुनाव में दिखाई दिया है। लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है और चुनिंदा वार्डों या कुल वोटों के आंकड़ों के आधार पर चुनाव परिणाम की वास्तविक तस्वीर को बदलने का प्रयास नहीं किया जा सकता।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने परिसीमन को लेकर गहलोत के आरोपों पर कहा कि परिसीमन में षडयंत्र कांग्रेस के समय होता था, भाजपा सरकार में ऐसा नहीं होता। गहलोत ने बिना जरूरत जयपुर, जोधपुर और कोटा शहर के दो टुकड़े कर दिए थे, जो कि प्रदेश की जनता को नागवार गुजरा। भाजपा की भजनलाल सरकार ने एक शहर—एक निगम के आधार पर वापस एक निगम बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। वैसे परिसीमन एक निर्धारित संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसे षड्यंत्र बताना संवैधानिक प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े करना है। परिसीमन निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत किया जाता है। कांग्रेस को यदि किसी प्रक्रिया पर आपत्ति थी तो उसे नियमानुसार अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि गहलोत को यह समझना चाहिए कि जनता अब आरोपों की राजनीति से आगे बढ़ चुकी है। कांग्रेस को भाजपा पर आरोप लगाने के बजाय यह आत्ममंथन करना चाहिए कि उसके संगठन और नेतृत्व को जनता का अपेक्षित समर्थन क्यों नहीं मिल रहा है। राठौड़ ने पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि राजस्थान में कानून अपना काम कर रहा है। किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर रहने की अनुमति नहीं है। पुलिस प्रशासन निष्पक्ष और कानूनी दायरे में अपना कार्य कर रहा है। राठौड़ ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत राजस्थान की जनता और पार्टी के लाखों समर्पित कार्यकर्ता हैं, धनबल नहीं। भाजपा संगठन, सुशासन और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ती है तथा जनता के विश्वास को ही अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की जनता विकास, सुशासन, रोजगार, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों तथा राजस्थान में भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को लेकर जनता के बीच विश्वास है। राठौड़ ने कहा कि गहलोत जी भाजपा की चिंता करने के बजाय कांग्रेस की लगातार कमजोर होती राजनीतिक स्थिति पर चिंतन करें। केवल बयान देने और आरोप लगाने से जनता का विश्वास वापस नहीं पाया जा सकता। कांग्रेस को अपनी कार्यप्रणाली, संगठन और नेतृत्व पर विचार करने की आवश्यकता है। भाजपा जनता के जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हुए सेवा, सुशासन और राजस्थान के विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
