लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र स्थित श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र, सुथड़ा में रविवार को जैन धर्म के उन्नीसवें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ के जन्म-तप कल्याणक तथा इक्कीसवें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ के ज्ञान कल्याणक का भव्य महोत्सव मनाया गया।
प्रबंध समिति के बसंत जैन एवं मनोज जैन ने बताया कि मल्लिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक और तप कल्याणक एक ही दिन मनाए जाते हैं। उन्होंने 55 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण की और मात्र 6 दिनों के कठोर तप के उपरांत केवलज्ञान (सर्वज्ञता) को प्राप्त किया।
वहीं इक्कीसवें तीर्थंकर नमिनाथ भगवान का ज्ञान कल्याणक मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को हुआ था। इस दिन उन्होंने बकुल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त कर सर्वज्ञ, केवली एवं अरिहंत पद को धारण किया। तत्पश्चात उन्होंने सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान एवं सम्यक् चरित्र का उपदेश देकर जनमानस का मार्गदर्शन किया।
महोत्सव के अवसर पर शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में सर्वप्रथम मंगलाष्टक गाया गया तथा नित्य अभिषेक और शांतिधारा संपन्न की गई। इसके पश्चात देव-शास्त्र-गुरु पूजा, चौबीसों तीर्थंकरों की पूजा तथा मल्लिनाथ-नमिनाथ भगवान की विशेष पूजा कर जन्म-तप एवं ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुक्मचंद जैन एवं नरेंद्र जैन ने बताया कि शाम 6:30 बजे भक्तामर मंडल उनियारा द्वारा दीपार्चना की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागी बनकर आध्यात्मिक लाभ उठाया।


















































