लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विद्यार्थियों ने नृत्य से सतयुग से कलियुग तक की कराई जीवंत प्रस्तुति
भीलवाड़ा | (पंकज पोरवाल)। श्री महेश सेवा समिति द्वारा संचालित श्री महेश पब्लिक स्कूल, भीलवाड़ा के प्रांगण में वार्षिकोत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम सुर, ताल, नृत्य और अभिनय से सराबोर रहा, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री महेश सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश नराणीवाल, सचिव राजेंद्र कचौलिया, मुख्य अतिथि सांसद दामोदर अग्रवाल, राधेश्याम चेचाणी, कैलाश कोठारी, भेरुलाल काबरा सहित समिति के पदाधिकारियों एवं समाज के प्रबुद्धजनों द्वारा माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना से किया गया। इसके पश्चात छात्राओं ने भावपूर्ण सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
अतिथियों का पारंपरिक स्वागत
अतिथि देवो भवः की परंपरा का निर्वहन करते हुए अध्यक्ष ओमप्रकाश नराणीवाल ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का उपरना ओढ़ाकर एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने वातावरण को मधुर बना दिया।
नाटक और नृत्य से मिला संस्कारों का संदेश
कार्यक्रम में प्रस्तुत अंग्रेज़ी नाटक “Nurturing Moral Growth in Children” के माध्यम से बच्चों को समय पर सही मार्गदर्शन मिलने पर उनके उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया गया।
हिंदी नाटक “यथा कर्म तथैव फलम्” ने जीवन में कर्मों के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश नराणीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पाश्चात्य सभ्यता अपनाते हुए भी भारतीय संस्कृति और संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण और वीरता की झलक
“वुमेन एम्पावरमेंट” नृत्य में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विजय यात्रा को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया गया। वहीं “ऑपरेशन सिंदूर” नृत्य के माध्यम से भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
वार्षिक प्रतिवेदन व प्रेरक विचार
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अरविंदर कौर ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर विद्यालय की गतिविधियों एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि अशोक कुमार कोठारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में अनेक प्रतिभाएं छिपी होती हैं, आवश्यकता है उन्हें पहचानने और निखारने की।
सचिव राजेंद्र कचौलिया ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
युगों का मंचन बना आकर्षण का केंद्र
विद्यार्थियों ने नृत्य के माध्यम से सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग के दर्शन एक ही मंच पर कराए। विशेष रूप से त्रेता युग की रामायण आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया।
समय के महत्व पर आधारित नृत्य नाटिका भी सराहनीय रही।
विविधता में एकता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में भारत की विविधता में एकता को दर्शाते हुए विभिन्न प्रांतों के त्योहारों पर आधारित समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया। ठंडे मौसम में दर्शकों ने चाय-कॉफी एवं स्टॉल्स का भी आनंद लिया।
मुख्य अतिथि सांसद दामोदर अग्रवाल ने वंदे मातरम् के महत्व पर प्रकाश डाला।
अंत में उपाध्यक्ष सत्यनारायण मूंदड़ा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष कृष्णगोपाल जाखेटिया, सह-सचिव प्रहलादराय हींगड़, कोषाध्यक्ष राजेश बाहेती, संचालक केदारमल जागेटिया, दिलीप तोषनीवाल, ओमप्रकाश मालू, दिनेश शारदा, सुरेशचंद्र काबरा, चंद्रप्रकाश काल्या सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
