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श्री इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में शरद पूर्णिमा महोत्सव, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

गायिका रजनी राजपूत ने दी मनभावन प्रस्तुतियाँ, मध्यरात्रि में ठाकुरजी को चढ़ाई गई खीर

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)
शहर के कुवाड़ा खान स्थित श्री इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में सोमवार रात शरद पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भक्ति संगीत, आरती और प्रसादी के इस आयोजन में श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूम उठे।


गणेश वंदना के साथ हुआ भजन संध्या का शुभारंभ

श्री इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल के सान्निध्य में हुई संगीतमय भजन संध्या की शुरुआत गणेश वंदना से हुई।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका रजनी राजपूत ने गुरु वंदना सहित एक से बढ़कर एक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर भक्तों का मन जीत लिया।


खुले आसमान के नीचे तैयार हुई खीर

ठंडी रात में श्रद्धालुओं ने खुले आसमान के नीचे खीर तैयार की।
रात्रि 12 बजे ठाकुरजी को खीर का भोग लगाया गया और तत्पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को औषधीय खीर प्रसाद वितरित किया गया।
भक्तों ने इस प्रसादी को अमृत तुल्य मानकर ग्रहण किया।


मंदिर सजा रोशनी से, वातावरण हुआ भक्ति मय

पंडित संजय ने बताया कि मंदिर की रंगाई-पुताई और रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक सजावट की गई थी।
उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा का धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व गहरा है — यह पर्व प्रेम, भक्ति, स्वास्थ्य और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है।
यह दिन भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला, देवी लक्ष्मी की कृपा और चंद्रमा की पूजा से जुड़ा हुआ है।
पंडित ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा षोडश कलाओं से युक्त होता है, और उसकी किरणों से अमृत की वर्षा मानी जाती है।


आयोजन में शामिल रहे अनेक श्रद्धालु

महोत्सव में श्याम सुंदर समदानी, सुनील कुमार गर्ग, संजय लाहोटी, अर्चित मुंदड़ा, सत्यजीत ईनाणी, सुनील काबरा, किशोर काबरा, विशाल बाहेती, मुकेश चेचानी, गोपाल पुरी, पिंटू मुंदड़ा, शिव चेचानी, राजेंद्र ईनाणी, आदित्य मालीवाल सहित बड़ी संख्या में भक्त जनों ने भाग लिया।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्ति, उल्लास और श्रद्धा के वातावरण से गूंजता रहा।

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