लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सुथड़ा तीर्थ क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया महोत्सव
उनियारा (दुर्योधन मयंक)। श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में जैन धर्म के पांचवें तीर्थंकर सुमतिनाथ भगवान का जन्म, ज्ञान एवं निर्वाण कल्याणक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं बाबूलाल कासलीवाल ने बताया कि सुमतिनाथ भगवान का जन्म अयोध्या में इक्ष्वाकु वंश के राजा मेघरथ और रानी मंगलावती के घर चैत्र शुक्ल एकादशी को हुआ था। उन्होंने दीर्घकाल तक तपस्या कर केवलज्ञान प्राप्त किया और अंततः सम्मेद शिखर से मोक्ष प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक के साथ हुआ, जिसके पश्चात नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। वार्षिक शांतिधारा रमेशचंद एवं रौनक सर्राफ (जयपुर) द्वारा की गई। पांडुशिला पर प्रथम शांतिधारा कमल कुमार (मेडिकल वाले, उनियारा) तथा द्वितीय शांतिधारा महावीर प्रसाद एवं विनोद कुमार ढिकोलिया द्वारा संपन्न की गई।
इसके बाद देव-शास्त्र-गुरु पूजा, चौबीस भगवानों की मूलनायक पूजा एवं सुमतिनाथ भगवान की विशेष पूजा कर तीनों कल्याणकों का महोत्सव मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहर वाले एवं नरेंद्र जैन बनेठा ने बताया कि सायं 7 बजे श्रेष्ठी परिवार टीकमचंद, घसीलाल, विमल कुमार, रमेशचंद, प्रशांत कुमार, विजेंद्र कुमार (पचेवर, मालपुरा) तथा शनिवार भक्तामर मंडल उनियारा एवं ढिकोलिया द्वारा भक्तामर दीपार्चना कार्यक्रम भी श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया।
