लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां।
पादूकलां कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व श्रद्धा, अकीदत और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकाले गए ताजिया जुलूस में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। “या हुसैन” की सदाओं से कस्बे के प्रमुख मार्ग गूंज उठे, जबकि जगह-जगह दूध, शर्बत और तबर्रुक का वितरण कर भाईचारे, सेवा और इंसानियत का संदेश दिया गया।
मदीना मस्जिद, नूरानी मस्जिद और मदरसा से ताजियों के जुलूस रवाना हुए। मौलाना हाजी साबिर हुसैन, मौलाना राशिद अहमद, मौलाना अब्दुलरहमान एवं मौलाना अल्ताफ हुसैन ने बताया कि मोहर्रम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने ताजियों पर सेहरे चढ़ाकर अमन, खुशहाली और भाईचारे की दुआएं मांगी।
ताजिया जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ करबला पहुंचा, जहां नमाज अदा करने के बाद परंपरागत रूप से ताजियों का सैराब किया गया। इस दौरान युवाओं और बच्चों ने अखाड़ों में पारंपरिक युद्धक कला एवं हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जो आकर्षण का केंद्र रहे।
मोहर्रम के अवसर पर सदर बाजार स्थित मदीना मस्जिद के सामने एक दिवसीय मेले का भी आयोजन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान पादूकलां में वर्षों पुरानी सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोगों ने ताजिया जुलूस का स्वागत किया और व्यवस्थाओं में सहयोग कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
इसी प्रकार पालड़ीकलां, अरनियाला, डोडियाना, पादूखुर्द, बग्गड़, निम्बड़ीकलां, माण्डल जोधा, भैरूंदा, नथावड़ा और बिखरनियां कलां सहित आसपास के गांवों में भी मोहर्रम श्रद्धा और अकीदत के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया।
कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रियांबड़ी विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, ग्राम विकास अधिकारी संदीप गोदारा, थानाधिकारी उमाशंकर तथा पुलिस जाब्ता पूरे आयोजन के दौरान तैनात रहा। प्रशासन की सतर्कता और लोगों के सहयोग से मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।