Home latest हरियाली अमावस्या पर कहार समाज ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा 

हरियाली अमावस्या पर कहार समाज ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा 

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 हजारीबाग में किया पूजन

ढोल-नगाड़ों के साथ निकली शोभायात्रा, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

गंगधार, झालावाड़। हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर गंगधार कस्बे में कहार समाज ने सैकड़ों वर्षों से चली आ रही अपनी पारंपरिक धार्मिक परंपरा का उत्साह और श्रद्धा के साथ निर्वहन किया। इस अवसर पर समाज के महिला, पुरुष और बच्चों ने सामूहिक रूप से धार्मिक आयोजन में भाग लिया।

कहार समाज के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ कहार मोहल्ले से शोभायात्रा के रूप में रवाना हुए। यात्रा मालपुरा बाजार और नई आबादी क्षेत्र से होते हुए हजारीबाग पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने हनुमानजी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

हनुमानजी की पूजा कर किया नारियल हवन

हजारीबाग पहुंचने के बाद समाजजनों ने भगवान हनुमान के समक्ष नारियल अर्पित कर हवन किया तथा क्षेत्र में सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसादी का वितरण किया गया।

महिलाओं और बच्चों ने निभाई पारंपरिक रस्म

आयोजन के दौरान महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत एक-दूसरे को प्रतीकात्मक रूप से मुक्के मारकर ‘फुली’ वितरित की। यह परंपरा वर्षों से हरियाली अमावस्या पर निभाई जाती रही है और समाज की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

इस अवसर पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर धार्मिक आस्था का परिचय दिया तथा आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया। हरियाली अमावस्या का यह पारंपरिक आयोजन गंगधार क्षेत्र की लोक संस्कृति और सामाजिक एकता की अनूठी मिसाल बनकर सामने आया।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version