लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली/जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद की कार्यवाही और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को लेकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संसद में किसी भी विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की।
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष जिस भी मुद्दे पर चर्चा करना चाहता है, सरकार उस पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से लोकसभा अध्यक्ष को लिखित रूप से अपनी मांग देने का आग्रह किया, ताकि निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत चर्चा शुरू की जा सके।
‘हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं’
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “विपक्ष समय पर पत्र दे दे। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। मैं स्वयं सदन में बैठकर सभी विषयों पर चर्चा सुनूंगा और हर सवाल का जवाब दूंगा।”
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार संसद में प्रत्येक विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। लोकतंत्र में संसद जनता के मुद्दों पर चर्चा और संवाद का प्रमुख मंच है और सभी राजनीतिक दलों को इसका सम्मान करना चाहिए।
‘संसद चलने नहीं दे रहा विपक्ष’
विपक्ष की ओर से सरकार पर चर्चा से बचने के आरोपों पर अमित शाह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने के बाद से वे लगातार सदन में आ रहे हैं, लेकिन विपक्ष कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।
उन्होंने कहा कि “लापता, भाग गए, भगोड़े हैं—इस प्रकार की भाषा भारत के सार्वजनिक एवं संसदीय जीवन में मुझे पहली बार सुनने को मिल रही है।” शाह ने कहा कि यदि विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने देगा तो सदन में जाकर क्या किया जाए। उन्होंने दावा किया कि वे अपने चैंबर में भी उपलब्ध रहे हैं।
सरकार चर्चा को तैयार, फैसला जनता करे
नीट आंदोलन के छात्रों के प्रदर्शन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा को लेकर शाह ने कहा कि सरकार सदन में हर प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा के लिए आगे नहीं आ रहा है।
उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय चर्चा के लिए तैयार होकर सदन में आने की अपील की। शाह ने कहा कि सरकार किसी भी सवाल से पीछे नहीं हट रही है और प्रत्येक प्रश्न का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अब जनता तय करे कि संसद की कार्यवाही से कौन भाग रहा है।
