लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
धारा 6ए से प्रभावित सैकड़ों किसान समर्थन मूल्य से वंचित, झेल रहे नुकसान
रिपोर्टः मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर। भारतीय कपास निगम (सीसीआई) की नरमा खरीद नीति ने अनूपगढ़ क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को कठिनाई में डाल दिया है। इस बार सीसीआई ने गिरदावरी को अनिवार्य कर दिया है, जिससे धारा 6ए से प्रभावित किसान अब अपनी फसल समर्थन मूल्य ₹7860 प्रति क्विंटल पर नहीं बेच पा रहे हैं।
गिरदावरी के अभाव में किसान खुले बाजार में ₹7200 से ₹7400 प्रति क्विंटल पर नरमा बेचने को मजबूर हैं, जिससे प्रति क्विंटल ₹700–₹800 का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
⚠️ 1188 मुरब्बों के किसान प्रभावित
अनूपगढ़ क्षेत्र के करीब 1188 मुरब्बे इस स्थिति से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई किसान वर्षों से इन ज़मीनों पर खेती कर रहे हैं, लेकिन भूमि विवादों या गिरदावरी उनके नाम नहीं होने के कारण वे सीसीआई खरीद प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
ऐसे किसान, जिनका औसतन उत्पादन 40 से 50 क्विंटल प्रति सीजन है, उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किसानों की चिंता — फसल बर्बादी की कगार पर
किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया तो यह समस्या फसल बर्बादी का रूप ले सकती है। वे मांग कर रहे हैं कि सरकार और कृषि विभाग धारा 6ए से प्रभावित किसानों को राहत दे और गिरदावरी विवादों का समाधान तत्काल किया जाए।
